Knews Desk- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को पंजाब के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह लुधियाना में नशे के प्रतीकात्मक रावण का दहन करेंगे और मानसा, संगरूर तथा गुरदासपुर में तीन पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। पंजाब में नशे के मुद्दे और नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह ‘झोटा’ की हत्या को लेकर गरमाई सियासत के बीच इस दौरे को अहम माना जा रहा है।
अमित शाह अपने दौरे के दौरान उन तीन परिवारों से मुलाकात करेंगे, जिनके मामले नशे के खिलाफ आवाज उठाने और उससे जुड़े विवादों के कारण चर्चा में हैं।
1. मानसा: झोटा के परिवार से मुलाकात
अमित शाह दोपहर 12 बजे मानसा के वार्ड नंबर 21 स्थित वाटर वर्क्स रोड पहुंचेंगे। यहां वह नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह ‘झोटा’ के परिवार से मिलेंगे।
खबर के मुताबिक, 13 अक्टूबर को मेडिकल स्टोर पर नशा बेचने का विरोध करने के कारण झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
2. संगरूर: गुलजार सिंह के परिजनों से मुलाकात
मानसा के बाद अमित शाह दोपहर 1:15 बजे संगरूर के गांव तूर बंजारा की हरदम पट्टी पहुंचेंगे। यहां वह गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात करेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, गुलजार सिंह ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा से नशे के मुद्दे पर सवाल पूछने के बाद स्थानीय सरपंच और पुलिस पर दबाव बनाने तथा परेशान करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।
3. गुरदासपुर: बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मिलेंगे
अमित शाह के दौरे का तीसरा पड़ाव गुरदासपुर जिले के बटाला क्षेत्र का गांव माड़ी पनवां होगा। वह दोपहर बाद करीब 3:15 बजे यहां पहुंचेंगे और बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात करेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, बिक्रमजीत सिंह की हत्या कथित तौर पर गांव में नशे की बिक्री का विरोध करने के कारण हुई थी। गृह मंत्री इस दौरान पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी बात सुनेंगे।
परविंदर सिंह ‘झोटा’ की हत्या के मामले में गठित एक्शन कमेटी ने अमित शाह के मानसा दौरे और झोटा के परिवार से उनकी मुलाकात पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, झोटा के पिता भीम सिंह ने इस विरोध पर असहमति जताई।
भीम सिंह ने कहा कि उनके बेटे को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है और धरने में आने वाले किसी भी राजनीतिक नेता का विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अमित शाह का विरोध किया जाता है, तो यह उनके परिवार के विरोध जैसा होगा।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री पर भरोसा जताते हुए मामले में जल्द कार्रवाई और सीबीआई जांच की उम्मीद भी व्यक्त की। भीम सिंह के मुताबिक, उन्हें एक्शन कमेटी की बैठकों में अमित शाह के विरोध को लेकर लिए गए फैसले की जानकारी नहीं थी।
उन्होंने यह भी कहा कि अब एक्शन कमेटी में उनकी जगह उनकी बहू मनप्रीत बैठेंगी।
पंजाब में नशे की समस्या और इससे जुड़े मामलों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अमित शाह का यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तीन जिलों में पीड़ित परिवारों से मुलाकात और नशे के खिलाफ प्रतीकात्मक कार्यक्रम के जरिए इस मुद्दे पर केंद्र का रुख सामने आने की उम्मीद है।