दिवाली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि विधि-विधान और श्रद्धा के साथ पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। हालांकि पूजा के दौरान कुछ ऐसी चीजें भी हैं, जिन्हें मां लक्ष्मी को अर्पित करना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ नहीं माना जाता है। जानिए दिवाली पर लक्ष्मी पूजन करते समय किन 7 चीजों से बचना चाहिए।
KNEWS DESK- आज 8 नवंबर, रविवार को देशभर में दिवाली का त्योहार उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन शाम को शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। घरों को दीपों, फूलों और रंगोली से सजाया जाता है और माता को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह की पूजन सामग्री अर्पित की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लक्ष्मी पूजन में पूजा सामग्री का चयन भी महत्वपूर्ण माना जाता है। हर फूल, पत्ती या वस्तु देवी-देवताओं को अर्पित नहीं की जाती। कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें मां लक्ष्मी की पूजा में चढ़ाने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे में दिवाली की पूजा करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
तुलसी की पत्तियां और मंजरी
तुलसी का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है और इसे भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय माना जाता है। हालांकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी की पूजा में तुलसी की पत्तियां या मंजरी अर्पित नहीं की जाती। इसलिए दिवाली पर लक्ष्मी पूजन की सामग्री तैयार करते समय तुलसी को अलग रखना उचित माना जाता है।
सफेद रंग के फूल
लक्ष्मी पूजा में लाल, गुलाबी और पीले रंग के फूलों का इस्तेमाल शुभ माना जाता है। कमल, गुलाब और गेंदे के फूल विशेष रूप से पूजा में रखे जाते हैं। वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंपा, रातरानी, मोगरा, चांदनी और तगर जैसे सफेद फूलों को मां लक्ष्मी को अर्पित करने से बचना चाहिए।
आंकड़े का फूल
आंकड़े का फूल भगवान शिव की पूजा में इस्तेमाल किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इसे शिव आराधना से जोड़ा गया है। हालांकि मां लक्ष्मी की पूजा में आंकड़े का फूल चढ़ाना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए लक्ष्मी पूजन के लिए फूल चुनते समय इसे पूजा की थाली में शामिल न करें।
कनेर का फूल
कनेर के फूल का इस्तेमाल भी लक्ष्मी पूजा में करने से बचने की मान्यता है। कनेर के फूल, पत्ते और फल विषैले माने जाते हैं। इसी वजह से धार्मिक परंपराओं के अनुसार मां लक्ष्मी की पूजा में इसे अर्पित करना उचित नहीं माना जाता।
दुर्वा घास
भगवान गणेश की पूजा में दुर्वा का विशेष महत्व है। गणपति को दुर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है, लेकिन मां लक्ष्मी की पूजा में इसे नहीं चढ़ाया जाता। इसलिए दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की संयुक्त पूजा करते समय दोनों के लिए इस्तेमाल होने वाली पूजन सामग्री का अंतर ध्यान में रखना चाहिए।
बासी और मुरझाए फूल
पूजा में हमेशा साफ, ताजे और खिले हुए फूलों का इस्तेमाल करना चाहिए। सूखे, मुरझाए, कटे-फटे या कीड़े लगे फूल देवी-देवताओं को अर्पित करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में पूजा के दौरान स्वच्छता और ताजगी को विशेष महत्व दिया गया है। इसलिए दिवाली की पूजा के लिए फूल पहले से चुनते समय उनकी ताजगी जरूर जांच लें।
काले या गहरे नीले रंग के कपड़े
लक्ष्मी पूजा के दौरान केवल पूजा सामग्री ही नहीं, बल्कि पहनावे का भी ध्यान रखने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली की लक्ष्मी पूजा में काले या गहरे नीले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। इसके बजाय लाल, पीले या गुलाबी रंग के वस्त्रों को शुभ माना जाता है।
लक्ष्मी पूजा में रखें शुद्धता का ध्यान
दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा करते समय पूजन सामग्री को साफ-सुथरा रखना चाहिए। ताजे फूल, स्वच्छ पूजा स्थल, सात्विक भोग और श्रद्धा के साथ की गई पूजा को धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व दिया गया है। साथ ही यह ध्यान रखना चाहिए कि अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में पूजा की विधि और मान्यताएं अलग हो सकती हैं। इसलिए अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा करना भी उचित माना जाता है।