दिवाली के मद्देनजर दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पटाखों और आग से होने वाले हादसों को देखते हुए बर्न, प्लास्टिक सर्जरी और इमरजेंसी विभागों में अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं। डॉक्टरों की विशेष ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि मरीजों की संख्या बढ़ने पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
Knews Desk- दिल्ली में दिवाली के दौरान वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका के बीच डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शनिवार को दिल्ली का औसत AQI 364 से 369 के बीच दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में है। कई निगरानी केंद्रों पर AQI 400 के पार भी पहुंचा।
डीडीयू अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप डागर ने जलने पर टूथपेस्ट, बर्फ या आलू लगाने से बचने की सलाह दी। आरएमएल अस्पताल के डॉ. मनोज झा के अनुसार जले हिस्से को 10 से 20 मिनट तक सामान्य बहते पानी के नीचे रखना चाहिए। गंभीर चोट होने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। सफदरजंग अस्पताल के डॉ. पंकज रंजन ने पटाखों से आंखों को होने वाले नुकसान को लेकर सावधान किया और चोट लगने पर खुद से दवा या ड्रॉप न डालने की सलाह दी।
डॉक्टरों ने कॉटन के कपड़े पहनने, पास में पानी और रेत रखने, बच्चों को निगरानी में पटाखे जलाने और प्रदूषण से बचने की सलाह दी। लोगों से मिठाइयों का सेवन सीमित रखने तथा प्रदूषण अधिक होने पर बाहर निकलने से बचने को भी कहा गया है। खासकर बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।