दिल्ली हाईकोर्ट ने रेस कोर्स मस्जिद में नमाज अदा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधित्व पर फैसला होने तक मस्जिद परिसर में कोई तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।
Knews Desk – दिल्ली हाईकोर्ट ने रेस कोर्स मस्जिद में नमाज अदा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। मस्जिद के संरक्षण और वहां बिना किसी बाधा के आने-जाने की अनुमति देने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने यह रुख अपनाया। याचिकाकर्ता सैयद अहमद सऊद ने मस्जिद को गिराए जाने की आशंका जताते हुए उसके संरक्षण की मांग की थी।
जस्टिस अनिश दयाल की पीठ के सामने हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया कि जब तक वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधित्व पर निर्णय नहीं ले लिया जाता, तब तक मस्जिद परिसर में कोई तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। याचिका में मस्जिद की सुरक्षा सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं को वहां बेरोकटोक आने-जाने की अनुमति देने की मांग की गई थी। हालांकि, अदालत ने मस्जिद में नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश CGSC आशीष दीक्षित ने अदालत को बताया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड की ओर से दिए गए आवेदन पर जल्द से जल्द, यानी चार सप्ताह के भीतर फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बीच कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने याचिकाकर्ता के याचिका दायर करने के अधिकार पर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर कई नमाजी अदालत आने लगें, तो इससे नई मुसीबत खड़ी हो सकती है।
याचिकाकर्ता सैयद अहमद सऊद की ओर से पेश वकील एम सुफियान सिद्दीकी ने केंद्र सरकार की दलील पर आपत्ति जताई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी। फिलहाल, केंद्र सरकार के आश्वासन से मस्जिद को तोड़े जाने की आशंका के बीच तत्काल राहत मिली है।
पिछली सुनवाई के दौरान वकील एम सुफियान सिद्दीकी ने कहा था कि मस्जिद को गिराए जाने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया था कि मस्जिद तक आने-जाने के रास्ते में रुकावट पैदा की गई है, जिसके कारण नमाजी अंदर नहीं जा पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इस मुद्दे पर पर्याप्त कदम नहीं उठाकर अपने कानूनी कर्तव्यों की अनदेखी की है।
सैयद अहमद सऊद का दावा है कि वह इस मामले से जुड़े हुए हैं, क्योंकि उन्हें अपने धार्मिक अधिकारों का पालन करने की स्वतंत्रता है, लेकिन उन्हें मस्जिद में जाने से रोका जा रहा है। यह मस्जिद रेस कोर्स क्लब के अंदर स्थित है। क्लब 7 लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के पास लगभग 53 एकड़ में फैला हुआ है।