दिवाली से पहले सोने की कीमतों में राहत के संकेत, जानें अब कितना सस्ता होगा गोल्ड?

दिवाली के मौके पर सोना खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत अहम हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर नीति, वैश्विक तनाव और भारत में त्योहारी मांग आने वाले दिनों में सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

KNEWS DESK-दिवाली के दौरान सोना खरीदना भारतीय परिवारों के लिए शुभ माना जाता है। ऐसे में त्योहार से पहले सोने की कीमतों में होने वाले बदलाव पर खरीदारों की नजर बनी हुई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बदलाव नहीं किए जाने के बाद बाजार में सोने की आगे की चाल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इससे कीमतों में लगातार गिरावट या तेजी की गारंटी नहीं मिलती। आने वाले दिनों में सोने का रुख कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करेगा।

कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, ब्याज दरों में बदलाव नहीं होने से सोने की कीमतों में स्थिरता आने की संभावना बन सकती है। लेकिन बाजार में स्थिरता और लगातार तेजी के संकेत अलग-अलग हैं। इसलिए खरीदारों को सोना खरीदने से पहले मौजूदा भाव और बाजार के रुझान पर ध्यान देना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल पर रहेगी नजर

दिए गए बाजार आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 4,120 डॉलर प्रति औंस और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम सोने का भाव 1.46 लाख रुपये के स्तर से नीचे रहने पर दबाव बना हुआ है। यदि घरेलू बाजार में कीमतें 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आती हैं, तो खरीदारों के लिए खरीदारी का अवसर बन सकता है। हालांकि, सोने की कीमतों का अनुमान लगाते समय केवल अंतरराष्ट्रीय भाव देखना पर्याप्त नहीं है। भारतीय बाजार में रुपये और डॉलर की विनिमय दर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। रुपये में कमजोरी आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत स्थिर रहने के बावजूद भारत में सोना महंगा हो सकता है।

दिसंबर में फेड के फैसले से तय हो सकती है दिशा

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति भी सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने पर निवेशकों के लिए ब्याज देने वाले विकल्प अधिक आकर्षक हो सकते हैं, जबकि सोने से नियमित ब्याज नहीं मिलता। ऐसे में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका सोने की मांग पर दबाव डाल सकती है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में अमेरिकी फेड की ओर से ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना 78 प्रतिशत बताई गई है। यदि बाजार में यह आशंका बनी रहती है, तो सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, फेड का अंतिम फैसला और आगे की नीति को लेकर उसके संकेत ही बाजार की दिशा स्पष्ट करेंगे।

भारत में त्योहारी मांग से मिल रहा सहारा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता के बीच भारत में त्योहारी सीजन के दौरान सोने की मांग को समर्थन मिल रहा है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, पिछले पांच दिनों में देशभर में सोने की अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में सोने पर मिलने वाली छूट भी कम हुई है। त्योहारी मांग कीमतों को सहारा दे सकती है, लेकिन वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों का रुझान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसलिए यह तय नहीं है कि मांग बढ़ने के कारण कीमतें लगातार ऊपर ही जाएंगी।

दिवाली पर सोना खरीदने वालों को क्या करना चाहिए?

अगर आप दिवाली पर सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल कीमतों में गिरावट का इंतजार करने के बजाय अपने बजट और जरूरत के हिसाब से फैसला लेना बेहतर होगा। खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव की तुलना करें। साथ ही, ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज, हॉलमार्क और अंतिम बिल में शामिल अन्य शुल्कों की जानकारी जरूर लें।

कुल मिलाकर, सोने की कीमतों में आगे स्थिरता आने की संभावना से खरीदारों को राहत मिल सकती है, लेकिन बड़ी गिरावट या तेजी का दावा करना फिलहाल उचित नहीं होगा। दिवाली से पहले सोने की दिशा अमेरिकी फेड के अगले फैसले, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल, वैश्विक तनाव और घरेलू मांग पर निर्भर करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *