कौन हैं आशुतोष सिन्हा? वाराणसी में BJP को हराकर दूसरी बार बने MLC, जानें सियासी सफर

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के परिणाम में बीजेपी ने 6 और समाजवादी पार्टी ने 5 सीटों पर जीत हासिल की है। बीजेपी को सबसे बड़ा झटका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगा, जहां सपा ने शिक्षक और स्नातक दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। स्नातक सीट से आशुतोष सिन्हा लगातार दूसरी बार एमएलसी चुने गए हैं।

Knews Desk – उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के परिणाम सामने आ गए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी ने 6 सीटों पर, जबकि समाजवादी पार्टी ने 5 सीटों पर जीत हासिल की है। बीजेपी को सबसे बड़ा झटका वाराणसी में लगा, जहां सपा ने शिक्षक और स्नातक दोनों सीटों पर कब्जा जमाया। शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव और स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा ने जीत दर्ज की।

वाराणसी स्नातक सीट पर 16 राउंड तक चली मतगणना में आशुतोष सिन्हा ने बीजेपी के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी केदारनाथ सिंह को 17,211 मतों से हराया। इस जीत के साथ आशुतोष सिन्हा लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य चुने गए हैं।

आशुतोष सिन्हा का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। साल 2006 में वह हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में रिकॉर्ड मतों से उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। इसके बाद साल 2007 में उन्होंने ‘छात्र युवा सम्मेलन’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। उस समय अखिलेश यादव पार्टी के राष्ट्रीय युवा प्रभारी और सांसद थे।

बसपा सरकार के दौरान आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी के कारण आशुतोष सिन्हा को साल 2007 और 2011 में गिरफ्तार किया गया था। साल 2007 के बलिया लोकसभा उपचुनाव में भी उन्होंने समाजवादी पार्टी के पक्ष में प्रचार किया था।

आशुतोष सिन्हा अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रिय रहे हैं। युवा अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और प्रोत्साहन राशि, वयोवृद्ध अधिवक्ताओं के लिए पेंशन तथा असमय मृत्यु का शिकार होने वाले अधिवक्ताओं के परिवारों को आर्थिक सहायता देने जैसी मांगों को लेकर आयोजित धरना-प्रदर्शनों में उन्होंने भाग लिया।

इसके अलावा, वित्तविहीन शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, प्रेरकों और अन्य सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली तथा सम्मानजनक मानदेय जैसी मांगों को लेकर हुए आंदोलनों में भी उनकी भागीदारी रही है।

आशुतोष सिन्हा 7 दिसंबर 2020 को समाजवादी पार्टी के टिकट पर वाराणसी खंड निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2023-24 में उन्होंने संसदीय एवं सामाजिक सद्भाव समिति के सभापति के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। अब वाराणसी स्नातक सीट पर दूसरी बार जीत दर्ज कर उन्होंने विधान परिषद में अपनी जगह बरकरार रखी है।

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