Knews Desk– कानपुर। ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल फोन पर तेज आवाज में गाने बजाना, वीडियो चलाना और ऊंची आवाज में बातचीत करना यात्रियों को भारी पड़ सकता है। उत्तर मध्य रेलवे ने 23 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर पीए सिस्टम से घोषणाएं करने और नोटिस लगाकर यात्रियों को जागरूक करने को कहा गया है।
उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार, मोबाइल के स्पीकर पर संगीत और ऑडियो चलाने से अन्य यात्रियों को परेशानी होती है। इससे उनके आराम पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। खासकर बंद डिब्बों और एसी कोच में तेज आवाज को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।
रेलवे अधिनियम की धारा 145(2)(a) का हवाला देते हुए पत्र में कहा गया है कि रेलवे परिसर या ट्रेन में ऐसा व्यवहार, जिससे दूसरे यात्रियों को असुविधा हो और जिसे उपद्रव माना जाए, कार्रवाई का आधार बन सकता है। इसमें ₹1,000 तक जुर्माने और छह महीने तक साधारण कारावास अथवा दोनों का प्रावधान बताया गया है। पत्र के मुताबिक, सक्षम वाणिज्यिक कर्मचारी और टिकट परीक्षक स्तर के अधिकारी ऐसे मामलों में ₹1,000 तक जुर्माना लगा सकते हैं।
रेलवे ने यात्रियों से मोबाइल फोन साइलेंट या वाइब्रेशन मोड पर रखने, स्पीकर पर गाने और वीडियो न चलाने तथा ऊंची आवाज में बातचीत से बचने की अपील की है। इसके बजाय ईयरफोन इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों की सुविधा बनाए रखना और सफर के दौरान अनावश्यक शोर से होने वाली परेशानी रोकना है।