Swiggy के Co-Founder Sriharsha Majety की Success Story, BITS से IIM तक की पढ़ाई

Swiggy Success Story: BITS से IIM तक की पढ़ाई, लंदन की नौकरी छोड़ श्रीहर्ष मजेटी ने शुरू किया कारोबार

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के को-फाउंडर श्रीहर्ष मजेटी ने अपनी पढ़ाई और कॉर्पोरेट अनुभव के बाद कारोबार की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने BITS पिलानी से इंजीनियरिंग और IIM कलकत्ता से मैनेजमेंट की पढ़ाई की। इसके बाद लंदन में इन्वेस्टमेंट बैंकिंग की नौकरी की, लेकिन आगे चलकर उन्होंने अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला किया। साल 2014 में नंदन रेड्डी के साथ मिलकर उन्होंने स्विगी की शुरुआत की। आइए जानते हैं उनकी शिक्षा, करियर और उद्यमी बनने का सफर।

कहां हुआ श्रीहर्ष मजेटी का जन्म?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीहर्ष मजेटी का जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ। उनके पिता रेस्टोरेंट चलाते थे, जबकि उनकी मां मेडिकल क्षेत्र से जुड़ी थीं। इस पृष्ठभूमि ने उन्हें कारोबार और फूड इंडस्ट्री को करीब से समझने का अवसर दिया।

BITS Pilani से हासिल कीं दो डिग्रियां

श्रीहर्ष ने साल 2003 में बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS), पिलानी में दाखिला लिया। साल 2008 में उन्होंने इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीई और फिजिक्स में एमएससी की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान वह संस्थान के फोटोग्राफी विभाग में कोऑर्डिनेटर भी रहे।

इसके बाद उन्होंने चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट (CFA) की पढ़ाई की और लेवल-II परीक्षा पास की। हालांकि, आगे चलकर उन्होंने फाइनेंस में नौकरी के साथ अपना कारोबार शुरू करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए।

IIM Calcutta से पढ़ाई और लंदन में नौकरी

साल 2009 से 2011 के बीच श्रीहर्ष ने IIM कलकत्ता से फाइनेंस में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (PGDM) किया। यहां उन्होंने विद्यार्थियों की प्लेसमेंट और इंटर्नशिप से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभालीं। इसके बाद उन्होंने लंदन में नोमुरा इंटरनेशनल में काम किया, जहां उन्हें इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और ट्रेडिंग का अनुभव मिला।

अगस्त 2012 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अपने दम पर कारोबार शुरू करने की तैयारी करने लगे।

छह महीने की यात्रा ने बदली सोच

नौकरी छोड़ने के बाद श्रीहर्ष ने करीब छह महीने तक कम बजट में यूरोप और एशिया की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने पुर्तगाल से ग्रीस तक लगभग 3,500 किलोमीटर साइकिल चलाई। इस यात्रा ने उन्हें अपने भविष्य और बिजनेस आइडिया पर विचार करने का समय दिया।

Bundl से Swiggy तक का सफर

भारत लौटने के बाद श्रीहर्ष ने साल 2013 में Bundl नाम से कूरियर सर्विस एग्रीगेटर शुरू किया। हालांकि, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियों के कारण उन्हें अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करना पड़ा।

साल 2014 में उन्होंने नंदन रेड्डी के साथ मिलकर Swiggy की शुरुआत की। कंपनी ने रेस्टोरेंट से ग्राहकों तक खाना पहुंचाने की सुविधा को आसान बनाने पर ध्यान दिया। समय के साथ स्विगी ने फूड डिलीवरी से आगे बढ़कर दूसरी सेवाओं में भी विस्तार किया।

Swiggy की सेवाओं का हुआ विस्तार

स्विगी के प्लेटफॉर्म पर इंस्टामार्ट के जरिए रोजमर्रा का सामान मंगाने और डाइनआउट के जरिए रेस्टोरेंट में टेबल बुक करने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। कंपनी Swiggy One के नाम से मेंबरशिप सेवा भी देती है। इस तरह श्रीहर्ष मजेटी का सफर इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई से शुरू होकर एक बड़े कारोबारी उद्यम के निर्माण तक पहुंचा।

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