Knews Desk- रूस ने सखालिन द्वीप पर एक जापानी पत्रकार को जासूसी के संदेह में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब रूस और जापान के बीच कुरील द्वीप समूह को लेकर विवाद फिर से तेज हो गया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अगस्त में कुरील द्वीप समूह की यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था। रूस इन द्वीपों पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है, जबकि जापान भी इस क्षेत्र के कुछ द्वीपों पर अपना दावा करता है।
रूस की मुख्य घरेलू सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) ने अपने बयान में कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति जापान के होक्काइडो शिंबुन अखबार के लिए काम करता था। एजेंसी का आरोप है कि वह एक जापानी खुफिया एजेंसी के लिए रूस की रक्षा क्षमताओं से संबंधित जानकारी जुटा रहा था। इसके अलावा, वह यूक्रेन में युद्ध के लिए जुटाए गए कुरील द्वीप समूह के निवासियों और स्वेच्छा से युद्ध में शामिल होने वाले लोगों की संख्या से जुड़े आंकड़े भी एकत्र कर रहा था। एफएसबी के मुताबिक, पत्रकार को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह रूस से बाहर जाने की तैयारी कर रहा था। बाद में उसे मॉस्को ले जाया गया और जेल भेज दिया गया।
मॉस्को के लेफोर्टोवो जिला अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार पत्रकार की पहचान 34 वर्षीय युकी इमाई के रूप में हुई है। 13 अक्टूबर को अदालत ने रूस की आपराधिक संहिता की धारा 276 के तहत जासूसी के मामले में उन्हें दो महीने की हिरासत में रखने का आदेश दिया। इस अपराध में दोषी पाए जाने पर उन्हें अधिकतम 20 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। हालांकि, फिलहाल यह आरोप हैं और मामले की जांच जारी है।रूसी सुरक्षा एजेंसी ने गिरफ्तारी का एक वीडियो भी जारी किया है। इसमें काले कपड़ों और नकाब पहने एजेंट एक होटल के कमरे में संदिग्ध को गिरफ्तार करते और बाद में उसे मॉस्को जाने वाले विमान तक ले जाते दिखाई देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, युकी इमाई वर्ष 2014 से रूस का दौरा कर रहे थे। उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की थी और मॉस्को तथा सेंट पीटर्सबर्ग की यात्राओं की तस्वीरें भी साझा की थीं।
रूस और जापान के बीच तनाव की एक बड़ी वजह कुरील द्वीप समूह पर संप्रभुता का विवाद है। दूसरे विश्व युद्ध के अंतिम दिनों में सोवियत संघ ने इन द्वीपों पर कब्जा कर लिया था। जापान इस क्षेत्र के दक्षिणी द्वीपों को उत्तरी क्षेत्र कहता है और उन पर अपना दावा करता है। दशकों से जारी इस विवाद के कारण दोनों देशों के बीच शांति समझौता भी नहीं हो पाया है।जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने पुतिन की अगस्त में इतुरुप द्वीप यात्रा पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे जापान के रुख के खिलाफ बताते हुए अस्वीकार्य कहा था। इसके जवाब में मॉस्को ने जापानी राजदूत को तलब किया और दक्षिणी कुरील द्वीपों पर रूस की संप्रभुता को अटूट बताया। पिछले कुछ वर्षों में रूस ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ाई है। ऐसे में जापानी पत्रकार की गिरफ्तारी ने दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है।