UPI MDR चार्ज टलते ही Paytm-MobiKwik के शेयरों में उछाल, जानें दिवाली तक फैसले का क्या होगा असर

Knews Desk- भारतीय शेयर बाजार में फिनटेक कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिली है। Paytm की पैरेंट कंपनी One97 Communications, Pine Labs, Zaggle Prepaid, One MobiKwik Systems और Moneyview के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। इसकी प्रमुख वजह UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR चार्ज लागू करने के फैसले को आगे बढ़ाना माना जा रहा है। NPCI की UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। यह व्यवस्था पहले 15 अक्टूबर से लागू होनी थी, लेकिन अब इसे दिवाली 2026 तक टाल दिया गया है। नई तारीख अलग से घोषित की जाएगी।रिपोर्ट के मुताबिक, Paytm की पैरेंट कंपनी One97 Communications का शेयर मंगलवार को 1,571 रुपये के स्तर से बढ़कर कुछ ही मिनटों में 1,675 रुपये तक पहुंच गया। बुधवार को शेयर 1,724 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह Pine Labs का शेयर मंगलवार को 154.42 रुपये के निचले स्तर से उबरकर 165 रुपये तक पहुंचा और बुधवार को भी इसी स्तर के आसपास बना रहा।

Zaggle Prepaid के शेयर में भी सुधार देखने को मिला। मंगलवार को 163.87 रुपये तक गिरने के बाद शेयर 165.50 रुपये पर पहुंचा, जबकि बुधवार को यह 170 रुपये के स्तर तक गया। Moneyview का शेयर मंगलवार को 60.06 रुपये के निचले स्तर से उबरकर 60.75 रुपये पर पहुंचा और बुधवार को 62.90 रुपये तक कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, One MobiKwik Systems का शेयर बुधवार को 242 रुपये के निचले स्तर से बढ़कर 246 रुपये तक पहुंच गया।इससे पहले MDR व्यवस्था को टाले जाने की आशंकाओं के बीच फिनटेक कंपनियों के शेयरों में बिकवाली हुई थी। Kotak Neo के आंकड़ों के मुताबिक, 8 अक्टूबर को Paytm के शेयर में 10 फीसदी की गिरावट आई थी। One MobiKwik Systems का शेयर 7.88 फीसदी और Pine Labs का शेयर 4.09 फीसदी तक टूट गया था। ऐसे में MDR को लेकर फैसले में देरी की खबर से इन शेयरों में कुछ रिकवरी देखने को मिली।

दरअसल, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.40 फीसदी MDR चार्ज लगाने का प्रावधान बताया गया है। इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है। इस व्यवस्था से डिजिटल पेमेंट कंपनियों को लेनदेन के जरिए अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद थी। हालांकि, इसे लागू करने की तारीख आगे बढ़ने से इस संभावित कमाई का लाभ भी टल सकता है।MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले कारोबारियों के लेनदेन पर लगाया जा सकता है। प्रस्तावित व्यवस्था सभी UPI ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगी। पर्सन-टू-पर्सन यानी P2P ट्रांसफर और 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट को इससे बाहर रखने की बात कही गई है। फिलहाल, MDR लागू करने की नई तारीख का इंतजार है। शेयरों में आई तेजी को इसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि शेयर बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव कई दूसरे कारकों से भी प्रभावित होता है।

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