KNEWS DESK- फ्रैंकफर्ट से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 को हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद जयपुर एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। जानकारी के मुताबिक, विमान के पायलट ने कुछ सेकेंड के लिए स्क्वाक-7500 कोड घोषित किया था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह कोड गलती से भेजा गया था। हालांकि, इस मामले में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को विमान से संबंधित अलर्ट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई की। विमान को जयपुर एयरपोर्ट पर सुबह करीब 9:45 बजे आइसोलेशन वे पर ले जाया गया। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में सभी यात्रियों को विमान से उतारकर टर्मिनल में बैठाया गया। विमान को अन्य विमानों से अलग रखकर सुरक्षा जांच की जा रही है।
विमानन क्षेत्र में स्क्वाक-7500 कोड का इस्तेमाल विमान के हाईजैक होने या उस पर अवैध कब्जे की स्थिति का संकेत देने के लिए किया जाता है। इसी कोड के कुछ सेकेंड के लिए सक्रिय होने के बाद विमान को जयपुर की ओर डायवर्ट किया गया। फिलहाल अलर्ट की वास्तविक वजह और पायलट की ओर से कोड जारी किए जाने के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।
इससे पहले 30 सितंबर 2026 को दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से भी हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। बोइंग 737 मैक्स विमान ने पहले इमरजेंसी कोड 7700 और फिर कुछ समय के लिए स्क्वाक-7500 जारी किया था। इसके बाद विमान का रास्ता बदला गया और सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
इस घटना में विमान के ओमानी को-पायलट पर पायलट पर हमला करने और विमान को तेल अवीव एयरपोर्ट के टर्मिनल से टकराने की कोशिश करने का आरोप है। बताया गया कि विमान की ऊंचाई में तेजी से गिरावट आई थी, जिसके बाद स्थिति संभालने के लिए विमान में मौजूद दूसरे पायलटों और यात्रियों ने हस्तक्षेप किया। विमान को सुरक्षित तबुक में उतारा गया था और मामले की जांच में इसे विमान पर कब्जे की कथित कोशिश के तौर पर देखा गया।