पाकिस्तान में साइबर क्राइम का बड़ा नेटवर्क बेनकाब? लाहौर में 8 कॉल सेंटरों पर छापा, 320 लोग गिरफ्तार

Knews Desk– पाकिस्तान में संगठित ऑनलाइन अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लाहौर में आठ अवैध कॉल सेंटरों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में कुल 320 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) ने यह कार्रवाई की। एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, इन कॉल सेंटरों में कथित तौर पर ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों से जुड़ी गतिविधियां संचालित हो रही थीं। मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों की भूमिका और इन केंद्रों के कामकाज की पड़ताल की जा रही है।

NCCIA के एडिशनल डायरेक्टर आतिफ अमीर ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में 21 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इनमें 12 चीनी, पांच फिलीपीनी, दो वियतनामी, एक मलेशियाई और एक नेपाली नागरिक शामिल हैं। इस तरह कार्रवाई के दौरान अलग-अलग देशों के नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह छापेमारी इस सप्ताह संगठित ऑनलाइन अपराधों के खिलाफ चलाए गए अभियान का हिस्सा थी।

एजेंसी के मुताबिक, इन अवैध कॉल सेंटरों से कथित तौर पर वित्तीय धोखाधड़ी, ऑनलाइन उत्पीड़न और हनी-ट्रैपिंग जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। साइबर अपराध के ऐसे मामलों में लोगों को फोन कॉल, सोशल मीडिया या ऑनलाइन बातचीत के जरिए निशाना बनाया जा सकता है। इसके बाद उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाने, निजी जानकारी का दुरुपयोग करने या ब्लैकमेल करने जैसी गतिविधियां सामने आ सकती हैं। हालांकि, इस मामले में प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।आतिफ अमीर ने यह भी बताया कि मामले के मुख्य संदिग्धों ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को हनी-ट्रैप में फंसाने के लिए 20 युवतियों को काम पर रखा था। हनी-ट्रैपिंग में किसी व्यक्ति को प्रेम संबंध या निजी बातचीत के जरिए अपने जाल में फंसाकर कथित तौर पर पैसे ऐंठने या ब्लैकमेल करने की कोशिश की जाती है। एजेंसी इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इन युवतियों की भर्ती कैसे की गई और कथित गतिविधियों में उनकी क्या भूमिका थी।

इस कार्रवाई को पाकिस्तान में ऑनलाइन धोखाधड़ी और संगठित साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। अवैध कॉल सेंटरों के जरिए होने वाले अपराधों में कई बार अलग-अलग देशों के लोगों को निशाना बनाया जाता है, जिससे जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया जटिल हो सकती है।फिलहाल, लाहौर में हुई इस छापेमारी के बाद एजेंसी गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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