LPU में रेप की खबर से हिंसा तक, कौन है पीड़िता और कौन आरोपी? अब तक नहीं मिला जवाब

फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कथित रेप की खबर के बाद छात्रों का हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़ और NH-44 जाम करने की घटना सामने आई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर SIT गठित की है। हालांकि, अब तक कथित पीड़िता की पहचान या घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Knews Desk – पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में कथित रेप की घटना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जांच के दौर में पहुंच गया है। कथित यौन उत्पीड़न की खबर के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कैंपस में तोड़फोड़ हुई, आगजनी की घटनाएं सामने आईं और जालंधर-फगवाड़ा NH-44 को भी जाम किया गया। रविवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव भी हुआ।

मामले में पुलिस ने 23 सितंबर को गर्ल्स हॉस्टल-3 में एक छात्रा के साथ कथित रेप की शिकायत के आधार पर 27 सितंबर को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की। इसके बाद मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है। पुलिस के मुताबिक जांच में CCTV फुटेज, फोरेंसिक सबूत और फोन डेटा की जांच की जा रही है। SIT में पुलिस अधिकारियों के साथ छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

हालांकि, जांच के बीच सबसे बड़ा सवाल कथित पीड़िता की पहचान को लेकर है। पुलिस के सामने अभी तक कथित पीड़िता की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। जिस कमरे नंबर 504 को कथित घटना से जोड़ा जा रहा है, वहां रहने वाली तीन छात्राओं ने यूनिवर्सिटी की ओर से जारी वीडियो में ऐसी किसी घटना से इनकार किया था। पुलिस अधिकारियों ने भी शुरुआती जांच में उस स्थान पर घटना के सबूत नहीं मिलने की बात कही है।

बाद में सामने आए दूसरे वीडियो में इन्हीं छात्राओं ने आरोप लगाया कि पहले वीडियो में उनसे प्रशासन की ओर से बताई गई बातें कहलवाई गई थीं और उनकी अनुमति के बिना वीडियो का हिस्सा सोशल मीडिया पर साझा किया गया। इस तरह मामले में अलग-अलग दावे सामने आने के बाद पुलिस जांच और महत्वपूर्ण हो गई है।

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कथित रेप की घटना से इनकार किया है। LPU की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों को झूठा और मनगढ़ंत बताया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि कुछ लोग संस्थान की छवि खराब करने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं।

दूसरी तरफ, छात्रों का कहना है कि अगर घटना नहीं हुई तो पुलिस और प्रशासन को जांच के जरिए स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करनी चाहिए। छात्रों की शिकायत में हॉस्टल की CCTV फुटेज की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर कथित रेप की घटना की पुष्टि नहीं हुई है और आरोपी की पहचान भी सामने नहीं आई है। ऐसे में इस पूरे मामले में अंतिम स्थिति SIT की जांच और उसके निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी।

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