डेयरी फार्म की आड़ में गोवंश तस्करी का आरोप, नागपुर में छापेमारी के दौरान 79 गोवंश बरामद

नागपुर में पुलिस ने गादा-नेरी रोड स्थित हनी डेयरी फार्म पर कार्रवाई करते हुए दो ट्रकों से 79 गोवंश बरामद किए। पुलिस ने मौके से 7 वाहन जब्त किए हैं और मामले में डेयरी फार्म संचालक समेत ट्रक मालिकों, चालकों और क्लीनरों की तलाश शुरू कर दी है।

Knews Desk– नागपुर में गोवंशों को कथित तौर पर अवैध रूप से ले जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नवीन कामठी पुलिस ने गादा-नेरी रोड स्थित हनी डेयरी फार्म पर छापेमारी कर दो 10-चक्का ट्रकों से 79 गोवंश बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, गोवंशों को ट्रकों में बेहद क्रूर तरीके से बांधकर रखा गया था।

पुलिस को सूचना मिली थी कि डेयरी फार्म की आड़ में गोवंशों को अवैध रूप से ले जाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। शुरुआती जांच में इन गोवंशों को कथित तौर पर वध के लिए ले जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में जांच अभी जारी है और अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो ट्रक, एक बोलेरो और चार दोपहिया वाहन जब्त किए हैं। इस तरह कुल 7 वाहन पुलिस के कब्जे में लिए गए हैं। जब्त की गई संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 64 लाख 80 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस अब हनी डेयरी फार्म के मालिक के अलावा दोनों ट्रकों के मालिकों, चालकों और क्लीनरों की तलाश कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद किए गए 79 गोवंश कहां से लाए गए थे, उन्हें किसके निर्देश पर ले जाया जा रहा था और उनका अंतिम गंतव्य क्या था।

मामले में महाराष्ट्र प्राणी संरक्षण अधिनियम और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही है। रिकॉर्ड सामने आने के बाद महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी मकोका के तहत कार्रवाई की संभावना भी देखी जा रही है।

गदा क्षेत्र में गोवंश तस्करी के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस उपायुक्त परिमंडल क्रमांक-6 के विशेष दस्ते और नवीन कामठी पुलिस ने 26 सितंबर से पहले संयुक्त कार्रवाई करते हुए रुद्र डेयरी फार्म पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई में 110 गोवंशों को मुक्त कराया गया था।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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