Knews Desk– गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र स्थित गुलमोहर ग्रीन सोसाइटी में सातवीं कक्षा की छात्रा की मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। छात्रा ने सोसाइटी की हाईराइज बिल्डिंग की 10वीं मंजिल से छलांग लगा दी। घटना के बाद परिवार ने स्कूल की गणित शिक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि गणित में कम अंक मिलने और पढ़ाई को लेकर लगातार बनाए जा रहे दबाव की वजह से बच्ची तनाव में थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के मुताबिक, शनिवार और रविवार को स्कूल की छुट्टी होने पर बच्ची आमतौर पर सुबह करीब 11 बजे तक सोकर उठती थी। हालांकि, घटना से पहले कुछ दिनों से उसकी दिनचर्या में बदलाव देखा गया था। परिवार का कहना है कि वह लगातार सुबह 8 से 9 बजे के बीच उठ रही थी। अब परिजन उसके व्यवहार में आए इस बदलाव को घटना से जोड़कर देख रहे हैं।परिवार ने यह भी बताया कि बच्ची को बटर ब्रेड पसंद नहीं था, लेकिन घटना से पहले शुक्रवार और शनिवार को उसने अपनी मां से बटर ब्रेड खाने के लिए मांगा था। उस समय परिजनों को अंदाजा नहीं था कि बच्ची किसी तरह के मानसिक दबाव से गुजर रही हो सकती है।परिजनों का दावा है कि बच्ची अन्य विषयों में अच्छा प्रदर्शन करती थी और उसे करीब 80 से 90 प्रतिशत तक अंक मिलते थे। हालांकि, गणित में उसके अंक लगातार कम आ रहे थे। परिवार ने आरोप लगाया है कि गणित की शिक्षिका जानबूझकर उसे कम अंक देती थीं और पढ़ाई को लेकर उस पर दबाव बनाया जाता था।
परिजनों के अनुसार, बच्ची के मन में स्कूल खुलने के बाद गणित की शिक्षिका के व्यवहार को लेकर डर बैठ गया था। परिवार का आरोप है कि उसे आशंका थी कि कक्षा में अन्य छात्रों के सामने उसके साथ खराब व्यवहार या अपमान किया जा सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और शिक्षिका तथा स्कूल की ओर से इस मामले में उनका पक्ष सामने आना बाकी है।परिवार ने छात्रा की डायरी में भी कथित मानसिक प्रताड़ना से जुड़ी बातें लिखे होने का दावा किया है। इसके बाद पुलिस छात्रा की डायरी और स्कूल से संबंधित अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा किन परिस्थितियों से गुजर रही थी और घटना से पहले उसके व्यवहार में किस तरह के बदलाव आए थे।
पुलिस ने छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराया है। परिवार के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के कई हिस्सों में हड्डियों के टूटने की बात सामने आई है। पुलिस घटना के कारणों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।इस घटना के बाद बच्चों पर पढ़ाई के दबाव और परिवार तथा स्कूल के बीच संवाद को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, डर या असामान्य तनाव दिखाई देने पर उसे गंभीरता से लेना जरूरी माना जाता है। हालांकि, इस मामले में घटना के वास्तविक कारणों का पता पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।फिलहाल पुलिस छात्रा की डायरी, स्कूल से जुड़े तथ्यों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है।