एक पेड़ मां के नाम: CM साय ने विद्यालय परिसर में लगाया अमरूद का पौधा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 138वीं कड़ी सुनी। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अमरूद का पौधा लगाया और लोगों से पौधरोपण के साथ उनकी देखभाल करने की अपील की।

Knews Desk– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसे प्रदेशवासियों के परिश्रम और जनभागीदारी का सम्मान बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक बदलावों और स्थानीय नवाचारों को ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं।

सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रयासों का प्रधानमंत्री द्वारा लगातार उल्लेख किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे स्थानीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों को नई पहचान मिलती है और लोगों को बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी के जरिए मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल है। मुनगा आसानी से उपलब्ध होने वाला पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके पत्ते, फल और फूल भोजन में इस्तेमाल किए जाते हैं और इनमें आयरन समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी फायदों के बारे में दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति, जनगणना में नागरिकों की भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और ‘वोकल फॉर लोकल’ सहित कई विषयों पर चर्चा की। उन्होंने सितंबर को कुपोषण के खिलाफ अभियान से जुड़े पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का जिक्र किया। इस अभियान के जरिए लोगों को मुनगा यानी मोरिंगा को अपने दैनिक भोजन का हिस्सा बनाने और घरों में इसके पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों और नवाचारों को लगातार जगह मिलना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में मिले ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल का भी प्रधानमंत्री उल्लेख कर चुके हैं।

उन्होंने बताया कि कोरिया जिले का 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल स्थानीय जरूरत और जनभागीदारी से तैयार किया गया प्रभावी समाधान है। इसके तहत किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं। इससे जरूरत के समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और भूजल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे कदम भी बड़े बदलाव की नींव बन सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और कांकेर का क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और स्थानीय लोगों के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, जिन इलाकों में पहले भय और असुरक्षा का माहौल था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की तस्वीर दिखाई दे रही है।

सीएम साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा, लेकिन अब सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ को लगातार सहयोग मिल रहा है और राज्य सरकार क्षेत्र में शांति के साथ समृद्धि तथा विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम लामकन्हार के विकास के लिए कुल 85 लाख रुपये के विभिन्न कार्यों की घोषणा भी की। इनमें शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 15 लाख रुपये, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन के लिए 37 लाख रुपये, छोटे पारा में सीसी रोड के निर्माण के लिए 18 लाख रुपये तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय लामकन्हार में पुस्तकालय और प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपये शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। लामकन्हार में घोषित विकास कार्यों से ग्रामीणों और विद्यार्थियों को सुविधाएं मिलेंगी।

‘मन की बात’ कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। आज लगाया गया हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण तैयार करने में योगदान देगा।

कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना। इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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