KNEWS DESK- वृंदावन के वाराहघाट स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम में एक साधक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 25 वर्षीय दीपक लोधी पटेल के रूप में हुई है। वह करीब दो साल पहले घर छोड़कर वृंदावन आया था और संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद रसिक दुलारी शरण नाम से आश्रम में रह रहा था।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे दीपक आश्रम की चार मंजिला इमारत से नीचे गिर गया। उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आश्रम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। एक फुटेज में दीपक को ऊपरी मंजिल से गिरते हुए देखा जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि घटना आत्महत्या है या हादसा। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
दीपक के परिजनों ने वृंदावन पहुंचकर शव का अंतिम संस्कार वहीं किया। परिवार के मुताबिक, पढ़ाई के दौरान ही दीपक की रुचि आध्यात्मिकता में बढ़ने लगी थी। वृंदावन आने से पहले उसने भैयाजी सरकार के साथ करीब तीन हजार किलोमीटर की पैदल नर्मदा परिक्रमा भी की थी। इसके बाद उसने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली और आश्रम में रहने लगा।
दीक्षा के बाद दीपक का परिवार से संपर्क धीरे-धीरे कम हो गया। परिजनों के अनुसार, वह एक बार घर आया था, लेकिन इसके बाद दोबारा नहीं गया। दीपक बिजली का काम जानता था, इसलिए आश्रम में उसे बिजली से संबंधित सेवा का काम दिया गया था। करीब तीन महीने पहले उसे गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल पर कमरा मिला था।
मामला तब और संदिग्ध हो गया जब पुलिस को उसके कमरे से खून से सना ग्राइंडर मिला। उसके शरीर के निजी अंगों पर भी गंभीर चोट के निशान बताए गए हैं। पुलिस ने मौके से ग्राइंडर, मोबाइल फोन, डायरी और अन्य सामान कब्जे में लिया है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि दीक्षा के बाद दीपक से सीधे संपर्क करना मुश्किल हो गया था। घटना के बाद भी परिवार को पहले बताया गया कि वह गिर गया है और अस्पताल में उसका ऑपरेशन चल रहा है। बाद में उन्हें पता चला कि शव पोस्टमार्टम हाउस में है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की वजह की जांच कर रही है।