IIT बॉम्बे छात्र सुसाइड केस: साहिल के iPhone से खुलेगा मौत का राज? आरोपी प्रोफेसर छुट्टी पर

आईआईटी बॉम्बे के सेकंड ईयर के B.Tech छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की संदिग्ध आत्महत्या के मामले में जांच तेज हो गई है। मुंबई क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल की कथित घटना, प्रोफेसर और छात्र के बीच विवाद तथा परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। इस बीच साहिल के लॉक्ड iPhone से डिजिटल जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है।

Knews Desk– मुंबई क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच के दौरान साहिल के माता-पिता के बयान दर्ज किए हैं। इसके अलावा उन छात्रों से भी पूछताछ की गई है, जो साहिल के साथ परीक्षा हॉल में मौजूद थे, हॉस्टल में उसके संपर्क में थे या उसे जानते थे। जांच एजेंसी अलग-अलग लोगों से जानकारी जुटाकर घटना से जुड़े घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

जांच के दौरान आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसरों और अन्य फैकल्टी सदस्यों के बयान भी दर्ज किए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, अगर जांच के किसी चरण में अतिरिक्त जानकारी या स्पष्टीकरण की जरूरत पड़ती है तो साहिल के माता-पिता से दोबारा भी पूछताछ की जा सकती है।

मामले में आरोपी बनाए गए प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को मुंबई क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए समन किया है। क्राइम ब्रांच उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी हासिल कर सकती है। इससे पहले प्रोफेसर दुल्ला संस्थान में डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स की भूमिका भी निभा चुके हैं।

वहीं, आईआईटी बॉम्बे मैनेजमेंट ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को छुट्टी पर भेज दिया है। संस्थान ने मामले की आंतरिक जांच के लिए 10 सदस्यीय पैनल भी गठित किया है। बताया जा रहा है कि पैनल एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है।

जांच में साहिल का लॉक्ड iPhone भी अहम माना जा रहा है। पुलिस तकनीकी सहायता के जरिए फोन का डेटा हासिल करने का प्रयास कर रही है। इसमें साहिल की ChatGPT हिस्ट्री भी शामिल बताई जा रही है। जांच एजेंसी डिजिटल जानकारी के जरिए सामने आए दावों की पुष्टि करने और साहिल के अंतिम दिनों के घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। क्राइम ब्रांच अब तक दर्ज बयानों, डिजिटल साक्ष्यों और जांच के दौरान जुटाई गई अन्य सामग्री का मिलान कर रही है।

इसी बीच आईआईटी बॉम्बे की जुलाई 2024 की एक कथित एडवाइजरी का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह ईमेल 27 जुलाई 2024 को तत्कालीन डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला और उनकी टीम की ओर से जारी किया गया था। हालांकि, वायरल स्क्रीनशॉट और ईमेल की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। क्राइम ब्रांच इस पहलू की भी जांच कर रही है।

कथित एडवाइजरी में छात्रों से कैंपस में समावेशी माहौल बनाए रखने और जाति, धर्म, लिंग तथा सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव से बचने की अपील किए जाने का दावा है। इसमें छात्रों को अपने साथियों से उनकी जाति, जन्म, एडमिशन कैटेगरी, JEE (Advanced) रैंक या GATE स्कोर के बारे में सवाल नहीं पूछने की सलाह दिए जाने की बात कही जा रही है।

साहिल वाकोडे की मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान प्रोफेसर दुल्ला कोर्स इंस्ट्रक्टर और परीक्षा निरीक्षक की भूमिका में थे। आरोप है कि साहिल परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए थे। परिजनों का दावा है कि उन्होंने प्रश्नपत्र की तस्वीर लेकर ChatGPT जैसे AI प्लेटफॉर्म पर उत्तर हासिल करने के लिए उसे अपलोड किया था।

परिवार ने आरोप लगाया है कि इसके बाद प्रोफेसर दुल्ला ने साहिल को सस्पेंशन की धमकी दी और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। परिवार की ओर से जातिगत टिप्पणी किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने BNS की धारा 108 और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है।

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