NSE IPO के बीच अनलिस्टेड मार्केट का जलवा, MSEI-CSE ने निवेशकों को चौंकाया

Knews Desk- भारतीय शेयर बाजार में इस समय नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के IPO को लेकर निवेशकों के बीच काफी चर्चा है। NSE के IPO को संस्थागत निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली है और अब बाजार की नजर 24 सितंबर 2026 को होने वाली इसकी BSE लिस्टिंग पर है। हालांकि, इस बड़े IPO के बीच अनलिस्टेड मार्केट में छोटे एक्सचेंजों के शेयरों ने भी निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी MSEI और कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज यानी CSE के शेयरों में इस साल अच्छी तेजी देखने को मिली है।

अनलिस्टेड एरिना के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में MSEI के शेयर ने करीब 108 फीसदी का रिटर्न दिया है। साल की शुरुआत में करीब 3.25 रुपये पर कारोबार करने वाला यह शेयर अब 6.70 से 6.75 रुपये के आसपास पहुंच गया है। सितंबर 2021 में इसकी कीमत करीब 1.20 रुपये थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जेरोधा और ग्रो जैसी ब्रोकिंग कंपनियों के निवेश के बाद भी MSEI को लेकर बाजार में दिलचस्पी बढ़ी है।

अनलिस्टेड एरिना के को-फाउंडर मनन दोशी के मुताबिक, MSEI भारत में सबसे ज्यादा कारोबार किए जाने वाले अनलिस्टेड शेयरों में शामिल है। हालिया मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि कुछ बड़े ब्रोकर अपने ग्राहकों को MSEI पर ट्रेडिंग का विकल्प देने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, अनलिस्टेड शेयरों में निवेश से जुड़े जोखिम और सीमित लिक्विडिटी को ध्यान में रखना जरूरी है।दूसरी तरफ CSE के शेयर में भी इस साल जबरदस्त तेजी आई है। जनवरी-फरवरी 2026 में करीब 1,500 रुपये के स्तर पर रहने वाला यह शेयर अब 2,600 रुपये के पार पहुंच चुका है। साल 2021 में इसकी कीमत करीब 850 रुपये थी। CSE के शेयर में तेजी के पीछे पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से मिले समर्थन को एक अहम वजह माना जा रहा है।

22 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री ने ऐतिहासिक कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज को दोबारा सक्रिय करने के लिए सरकार के समर्थन की घोषणा की थी। इसके बाद CSE के शेयर में तेजी देखने को मिली और जून की शुरुआत में करीब 900 रुपये का भाव 2,700 रुपये तक पहुंच गया।वेल्थ विजडम इंडिया के फाउंडर कृष्णा पटवारी के मुताबिक, CSE के बोर्ड ने 19 अगस्त की अपनी एनुअल रिपोर्ट में सेबी से फरवरी 2025 में दिए गए वॉलेंटरी एग्जिट आवेदन को रोकने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही निवेशकों के लिए 1:2 के अनुपात में बोनस शेयर की सिफारिश भी की गई है।

CSE का ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म अप्रैल 2013 से बंद है। इसके बावजूद वित्त वर्ष 2026 में एक्सचेंज ने करीब 216 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। इसका बड़ा हिस्सा ईएम बाईपास स्थित करीब तीन एकड़ जमीन को सब-लीज पर देने से मिले 249.28 करोड़ रुपये के एकमुश्त लाभ से आया। इसके बाद कंपनी की नेटवर्थ करीब 406 करोड़ रुपये हो गई, जबकि मार्केट कैप करीब 167 करोड़ रुपये बताया गया है।वहीं MSEI एक रेगुलेटेड और चालू एक्सचेंज है। वित्त वर्ष 2026 में इसकी आय करीब 17 करोड़ रुपये से बढ़कर 59 करोड़ रुपये हो गई और टैक्स से पहले का घाटा 35 करोड़ रुपये से घटकर 26 करोड़ रुपये रह गया। नई इक्विटी आने के बाद इसकी नेटवर्थ 397 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,369 करोड़ रुपये हो गई।MSEI ने ब्लॉकचेन आधारित डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर तकनीक के जरिए इलेक्ट्रॉनिक बॉन्ड प्लेटफॉर्म पर टोकनाइज्ड कॉर्पोरेट बॉन्ड जारी करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। पहला लेनदेन IIFL Finance का 25 करोड़ रुपये का था, जिसे RBI के होलसेल डिजिटल रुपये के जरिए सेटल किया गया। फिलहाल यह सुविधा संस्थागत निवेशकों के लिए है।

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