Knews Desk- मलेशिया में नौकरी की तलाश में जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए भारतीय उच्चायोग ने अहम एडवाइजरी जारी की है। 22 सितंबर 2026 को कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग ने कहा कि 30 दिन की वीजा-फ्री सुविधा का इस्तेमाल रोजगार तलाशने के लिए करने वाले भारतीयों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। एजेंट इस सुविधा का दुरुपयोग कर लोगों को फर्जी नौकरी के ऑफर देते हैं और टूरिस्ट एंट्री के जरिए मलेशिया भेज देते हैं। वहां पहुंचने के बाद कई लोग अवैध इमिग्रेशन स्टेटस, ओवरस्टे, शोषण, हिरासत और कानूनी कार्रवाई जैसी परेशानियों में फंस रहे हैं।
भारतीय उच्चायोग ने स्पष्ट किया है कि मलेशिया की 30 दिन की वीजा-फ्री सुविधा रोजगार के लिए नहीं है। यह सुविधा पर्यटन और सामाजिक यात्राओं समेत निर्धारित उद्देश्यों के लिए दी गई है। रोजगार करने के लिए भारतीय नागरिकों को मलेशिया के नियमों के मुताबिक वैध वर्क परमिट और जरूरी अनुमति हासिल करनी होगी।यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी हुई है जब मलेशिया में अवैध विदेशी कामगारों और इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई भी जारी है। 9 सितंबर को Selangor के Port Klang इलाके में Immigration Department की कार्रवाई के दौरान 197 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई दो औद्योगिक परिसरों में की गई थी। शुरुआती जांच में बिना पहचान दस्तावेज, पास की शर्तों का उल्लंघन और ओवरस्टे जैसे इमिग्रेशन अपराध सामने आए थे।
इसी बीच आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम के चार युवकों का मामला भी सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक चारों रोजगार की तलाश में मलेशिया पहुंचे थे और टूरिस्ट वीजा पर काम करने के आरोप में मलेशियाई अधिकारियों की हिरासत में हैं। बताया गया कि वे 12 अगस्त को मलेशिया पहुंचे थे और 4 सितंबर को एक enforcement check के दौरान पकड़े गए। परिवारों ने आरोप लगाया कि एक एजेंट ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उन्हें मलेशिया भेजा था। मामले में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भारतीय विदेश मंत्रालय और मलेशिया स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय की बात कही है। स्थानीय स्तर पर कथित एजेंट की भूमिका की भी जांच की जा रही है।मलेशियाई सरकार ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए 30 दिन तक वीजा-फ्री प्रवेश की सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाई हुई है। हालांकि, यह सुविधा business, tourism, social या transit purposes के लिए है। नौकरी करने के लिए अलग वैध अनुमति और वीजा व्यवस्था लागू होती है।
मलेशिया जाने वाले भारतीय पर्यटकों के पास कम से कम 6 महीने की वैधता वाला पासपोर्ट और कन्फर्म रिटर्न टिकट होना चाहिए। होटल बुकिंग जैसी यात्रा संबंधी जानकारी भी जरूरी हो सकती है। इसके अलावा यात्रा से कम से कम 3 दिन पहले Malaysia Digital Arrival Card यानी MDAC की ऑनलाइन submission करनी होती है।भारतीय उच्चायोग ने नागरिकों से साफ तौर पर कहा है कि बिना वर्क परमिट या Visa With Reference यानी VDR के रोजगार के लिए मलेशिया की यात्रा न करें। खासतौर पर ऐसे एजेंटों से सावधान रहने की सलाह दी गई है, जो टूरिस्ट या वीजा-फ्री एंट्री के जरिए नौकरी दिलाने का दावा करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक फर्जी नौकरी के वादों में फंसकर मलेशिया पहुंचने वाले भारतीयों को गंभीर कानूनी और व्यक्तिगत परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।