भागलपुर में कोसी नदी का कहर, रेलवे लाइन बांध का 15 मीटर हिस्सा टूटा, कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Knews Desk- भागलपुर जिले के नवगछिया में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट गहरा गया है. रंगरा चौक प्रखंड के बनिया गांव में नदी के तेज बहाव के दबाव से रेलवे लाइन बांध का करीब 15 मीटर हिस्सा टूट गया. बांध टूटने के बाद पानी तेजी से आसपास के निचले इलाकों में फैलने लगा, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

जानकारी के मुताबिक, बीती रात तेज आंधी और भारी बारिश के बाद कोसी नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हुई. पानी के बढ़ते दबाव के चलते रेलवे लाइन बांध का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. इसके बाद नदी का पानी तेज रफ्तार से आसपास के गांवों की ओर बढ़ने लगा.

साधोपुर, मसूदनपुर, बैसी, भवानीपुर और नवगछिया-बनिया समेत कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है. पानी के तेज बहाव ने साधोपुर से बनिया को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के करीब आधे हिस्से को भी बहा दिया है. इससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है और कई इलाकों में डूबने का खतरा बढ़ गया है.

रंगरा प्रखंड के मदरौनी और चापर जैसे गांव पहले से ही बाढ़ की चपेट में हैं. ऐसे में रेलवे लाइन बांध टूटने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में हालात और गंभीर हो गए हैं. ग्रामीणों को अब नए इलाकों में पानी फैलने की आशंका सता रही है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी का बहाव बेहद तेज है और कुछ ही घंटों में स्थिति काफी बिगड़ गई. प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ के पानी को आबादी वाले क्षेत्रों में और फैलने से रोकना है.

DM ने संभाली स्थिति की निगरानी

भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमों को मौके पर भेजा गया है. स्थानीय बीडीओ प्रियंका कुमारी भी प्रशासनिक टीम के साथ घटनास्थल पर मौजूद हैं.

जल संसाधन विभाग और रेलवे के कर्मचारी टूटे हुए बांध की मरम्मत और रिस्टोरेशन के काम में जुटे हैं. हालांकि, नदी का तेज बहाव कटाव रोधी कार्यों में बड़ी बाधा बन रहा है. प्रशासन की कोशिश है कि बांध की जल्द मरम्मत कर पानी के बहाव को नियंत्रित किया जा सके.

राहत और बचाव कार्य जारी

प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं. प्रशासन की टीमें हालात पर लगातार नजर रख रही हैं. स्थानीय ग्रामीणों पीयूष राज और मोहम्मद इफ्तेखार ने बताया कि पानी की रफ्तार लगातार चिंता बढ़ा रही है.

फिलहाल प्रशासन का ध्यान प्रभावित आबादी को सुरक्षित रखने और टूटे हुए बांध को जल्द से जल्द दुरुस्त करने पर है.

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