बक्सर में दो शिक्षकों पर 12 छात्राओं के यौन शोषण का आरोप, गिफ्ट और मोबाइल का लालच देकर बनाया निशाना; वीडियो वायरल होने से खुला मामला

सरकारी स्कूल के दो शिक्षकों पर नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद मामला सामने आया, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों को निलंबित कर दिया।

KNews Desk: बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड स्थित एक सरकारी मध्य विद्यालय से बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां दो शिक्षकों पर करीब 12 नाबालिग छात्राओं के साथ यौन शोषण करने, उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाने और बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अरियांव पंचायत स्थित नथुनी अहीर डेरा राजकीय मध्य विद्यालय का है। जानकारी के मुताबिक, बीपीएससी TRE-2 के तहत वर्ष 2024 में शिक्षक बीरेन्द्र कुमार और अरविंद कुमार की इस स्कूल में नियुक्ति हुई थी। अब इन्हीं दोनों पर छात्राओं के यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं।

आरोप है कि दोनों शिक्षकों ने पहले एक नाबालिग छात्रा को अपने प्रभाव में लिया। इसके बाद कथित तौर पर उससे कहा गया कि वह अपनी सहेलियों को भी लेकर आए। इसी तरह धीरे-धीरे कई छात्राएं उनके संपर्क में आती गईं।

आरोपों के मुताबिक, छात्राओं को सुनसान स्थानों, होटल या निजी कमरों में ले जाकर उनका यौन शोषण किया जाता था। उन्हें मोबाइल फोन, पैसे, गिफ्ट और दूसरी चीजों का लालच दिए जाने की भी बात सामने आई है।

कुछ छात्राओं के कथित तौर पर विरोध करने पर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने की धमकी देने का आरोप भी है। फिलहाल करीब 12 छात्राओं से जुड़ी ऐसी शिकायतों और आरोपों की बात सामने आई है। हालांकि, पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

सहेली को साथ लाने का भी दबाव डालने का आरोप

जांच के दौरान सामने आए आरोपों के अनुसार, शिक्षकों द्वारा छात्राओं को फोन किया जाता था और उन्हें खुद आने के साथ अपनी किसी सहेली को भी लाने के लिए कहा जाता था। कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्राओं पर दबाव बनाया जाता था।

आरोपों में यह भी कहा गया है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान शराब का इस्तेमाल किया जाता था। इन सभी आरोपों की पुलिस अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।

आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ तो खुलने लगा मामला

मामला तब सामने आया जब शिक्षक अरविंद कुमार और एक छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने की जानकारी सामने आई। बताया जा रहा है कि यह वीडियो शिक्षक बीरेन्द्र कुमार की ओर से वायरल किया गया था।

वीडियो सामने आने के बाद 29 अगस्त को बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। ग्रामीणों ने अरविंद कुमार को पकड़कर उससे पूछताछ शुरू की। इसी दौरान बीरेन्द्र कुमार के हस्तक्षेप करने पर ग्रामीणों को उस पर भी संदेह हुआ।

इसके बाद ग्रामीणों ने बीरेन्द्र कुमार का मोबाइल चेक किया, जिसमें कथित तौर पर कई आपत्तिजनक वीडियो मिले। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों के साथ मारपीट कर दी।

मामले की जानकारी मिलने पर स्कूल के प्रधानाध्यापक ने डुमरांव के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुधांशु कुमार को सूचना दी। बीईओ ने मौके पर पहुंचकर प्राथमिक जांच की और रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी।

शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को किया निलंबित

प्रारंभिक जांच में दोनों शिक्षकों पर स्कूल के बाहर आपत्तिजनक वीडियो बनाने और छात्राओं को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप सामने आए। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण के निर्देश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया।

निलंबन की अवधि में दोनों शिक्षकों का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

शिक्षा विभाग अब दोनों के खिलाफ औपचारिक आरोप पत्र तैयार कर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। इसके लिए संचालन और उपस्थापन पदाधिकारी की नियुक्ति भी की जाएगी।

ऑडियो और मोबाइल में मिले डिजिटल साक्ष्य भी जांच के दायरे में

मामले में एक शिक्षक की कथित बातचीत का ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है। दावा है कि ऑडियो में शिक्षक की आवाज लड़खड़ाती हुई सुनाई देती है और वह गांव के कुछ युवकों से छात्राओं के साथ संबंध होने की बात कर रहा है।

यह भी चर्चा है कि शराब पार्टी के दौरान एक शिक्षक ने गांव के एक युवक को कुछ वीडियो दिखाए थे। इसके बाद कथित तौर पर वही वीडियो आगे वायरल हुआ। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इस पूरे मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। जिस नथुनी अहीर डेरा मध्य विद्यालय में दोनों शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगे हैं, उसी स्कूल के प्रधानाचार्य मोहम्मद इमाम अली अंसारी को बिहार के बेस्ट प्रधानाचार्य का राजकीय पुरस्कार मिलने वाला है। उन्हें यह सम्मान राज्यपाल के हाथों दिया जाना है।

एक तरफ प्रधानाचार्य को बेहतर शैक्षणिक कार्य के लिए राज्य स्तरीय सम्मान मिलने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसी विद्यालय के दो शिक्षकों पर नाबालिग छात्राओं के शोषण के आरोपों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

FIR दर्ज, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी

पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रभारी डीएसपी समीर कुमार सिंह के मुताबिक, पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

बक्सर के एसपी शुभम आर्या ने भी मामले को गंभीर बताते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पुलिस वायरल वीडियो और ऑडियो के साथ-साथ मोबाइल फोन से मिले कथित डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसके अलावा छात्राओं और उनके परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

नाबालिगों से जुड़े आरोप होने के कारण मामले में POCSO Act समेत संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कितनी छात्राएं इस मामले से प्रभावित हुईं, क्या इस घटनाक्रम में अन्य लोग भी शामिल थे और वायरल हुए वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है।

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