KNEWSD DESK- सावन शुक्ल पक्ष की मासिक दुर्गाष्टमी आज 20 अगस्त 2026, गुरुवार को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से भक्तों को शक्ति, साहस और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अगर आप भी देवी मां को प्रसन्न करना चाहते हैं तो आज कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं।
हिंदू धर्म में मां दुर्गा को शक्ति और रक्षा की देवी माना गया है। हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और मां भगवती की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। सावन महीने में आने वाली दुर्गाष्टमी का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक की गई पूजा से देवी मां की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली परेशानियों से मुकाबला करने का आत्मबल मिलता है।
कब है मासिक दुर्गाष्टमी?
पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 19 अगस्त 2026 को शाम 7 बजकर 19 मिनट से शुरू हुई और 20 अगस्त 2026 को रात 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत 20 अगस्त को रखा जा रहा है।
पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 11:37 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:55 बजे से 7:17 बजे तक।
मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन कुछ विशेष उपाय करने की धार्मिक मान्यता है। आप अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार इन उपायों को कर सकते हैं।
- मां दुर्गा को लाल गुड़हल या लाल कनेर के फूल अर्पित करें।
- देवी मां को लाल चुनरी और सिंदूर चढ़ाएं।
- शाम के समय मां दुर्गा के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
- पान के पत्ते पर गुलाब की सात पंखुड़ियां रखकर देवी को अर्पित करें।
- स्नान के बाद दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- मां दुर्गा के बीज मंत्र का 108 बार जाप करें।
- हलवा, पूरी और काले चने का भोग लगाएं।
- 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराएं।
- कन्याओं को फल, मिठाई या अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार दें।
लौंग चढ़ाने से क्या है मान्यता?
दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा को लौंग अर्पित करना भी कई धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है। भक्त देवी के सामने दीपक जलाकर उसमें लौंग डालकर पूजा करते हैं। मान्यता है कि इससे नकारात्मकता दूर होती है और घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। हालांकि, ऐसे उपाय धार्मिक आस्था और परंपराओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपाय नहीं माना जाना चाहिए।
मां दुर्गा को कौन से फल नहीं चढ़ाने चाहिए?
कुछ धार्मिक मान्यताओं में मां दुर्गा को नींबू, इमली, सूखा नारियल, नाशपाती और अंजीर जैसे फल अर्पित न करने की बात कही गई है। इसके अलावा कटे हुए, बासी, जूठे, सड़े या खराब फल किसी भी देवी-देवता को अर्पित करने से बचना चाहिए।पूजा के दौरान साफ-सफाई और सात्विकता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भक्त अपनी पारिवारिक और स्थानीय परंपराओं के अनुसार पूजा की विधि अपना सकते हैं।
श्रद्धा से करें मां दुर्गा की आराधना
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा की पूजा करते समय सबसे जरूरी है श्रद्धा और भक्ति। भक्त देवी मां से परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि और जीवन की बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मां दुर्गा अपने भक्तों को विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए शक्ति और साहस प्रदान करती हैं।