KNEWS DESK – राजस्थान की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज होती नजर आ रही है. बंगाल में तीन दिन बिताने के बाद जयपुर लौट रहे आशुतोष रांका ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों का ग्राउंड जायजा लेने का ऐलान किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि आने वाले दिनों में वह अपनी पूरी टीम के साथ राजस्थान के अलग-अलग स्कूलों का दौरा करेंगे.
इसी पोस्ट में रांका ने राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को भी सीधी चुनौती दी है. उन्होंने दिलावर से उनके कार्यकाल के दौरान बने 10 सबसे शानदार सरकारी स्कूलों की जानकारी देने को कहा है, ताकि वह और उनकी टीम उन स्कूलों का भी दौरा कर सके.
अगले कुछ दिनों में स्कूलों का दौरा
आशुतोष रांका ने बताया कि बंगाल में तीन दिन बिताने के बाद वह जयपुर वापस लौट रहे हैं. इसके बाद उनकी टीम राजस्थान के स्कूलों का दौरा करेगी.
रांका का कहना है कि इस दौरान प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति को समझने की कोशिश की जाएगी. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि टीम किन जिलों और कितने स्कूलों का दौरा करेगी.
उनके इस ऐलान के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि स्कूलों से जुड़ी कौन-कौन सी तस्वीरें, वीडियो और ग्राउंड रिपोर्ट सामने आती हैं.
मदन दिलावर को दिया 10 स्कूलों का ऑफर
रांका ने अपने पोस्ट में पूर्व शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का नाम लेते हुए उनसे एक तरह का खुला सवाल किया है. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में बने या तैयार किए गए 10 सबसे शानदार स्कूलों के बारे में बताया जाए, ताकि वह अपनी टीम के साथ वहां पहुंचकर उनकी स्थिति देख सकें.
रांका का सवाल सीधे तौर पर राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था और सरकार के कामकाज पर राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में किसी विशेष स्कूल का नाम, उसकी लागत या गुणवत्ता से जुड़े आंकड़े साझा नहीं किए हैं.
स्कूलों की ग्राउंड रिपोर्ट पर रहेगी नजर
राजस्थान में सरकारी स्कूल लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं. स्कूलों की इमारत, शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं और शिक्षा की गुणवत्ता जैसे मुद्दे समय-समय पर उठते रहे हैं.
ऐसे में रांका की ओर से स्कूलों का दौरा करने का ऐलान आने वाले दिनों में इस बहस को और तेज कर सकता है. अगर उनकी टीम स्कूलों से जुड़े वीडियो, तस्वीरें और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने लाती है, तो शिक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े हो सकते हैं.
अब दिलावर के जवाब का इंतजार
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा नजर मदन दिलावर के जवाब पर रहेगी. रांका ने उनसे 10 बेहतरीन स्कूल दिखाने को कहा है. अब देखना होगा कि दिलावर इस चुनौती को स्वीकार करते हैं या फिर रांका के सवालों पर कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया देते हैं.
फिलहाल रांका ने स्कूलों का दौरा करने की घोषणा की है और किसी स्कूल के बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष या आरोप नहीं लगाया है. इसलिए शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर उनके प्रस्तावित ग्राउंड विजिट के बाद ही सामने आएगी.
आने वाले दिनों में राजस्थान के सरकारी स्कूलों की स्थिति और इस मुद्दे पर होने वाली सियासी बयानबाजी पर सबकी नजर रहेगी.