KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी कुछ महीने बाकी हैं, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA में सीट बंटवारे को लेकर दावा किया था, जिस पर NDA के सहयोगी दलों और बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अखिलेश यादव को अपने गठबंधन की चिंता करने की सलाह देते हुए उनके दावों को राजनीतिक अटकल करार दिया।
अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया था कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में अपने सहयोगी दलों को सीटें बांटने की योजना पर काम कर रही है। उनके मुताबिक, RLD को 73, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को 39, निषाद पार्टी को 31 और अपना दल को 19 सीटें दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं।
अखिलेश ने दावा किया कि अगर ऐसा सीट बंटवारा होता भी है तो यह PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व की मांग से काफी कम होगा। उन्होंने सरकार पर बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और भर्ती जैसे मुद्दों पर भी निशाना साधा।
RLD ने कहा- अपनी चिंता करें अखिलेश
अखिलेश के दावे पर RLD के प्रदेश अध्यक्ष (व्यापार) रोहित अग्रवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने गठबंधन की चिंता करनी चाहिए, NDA की चिंता उसके सहयोगी खुद कर लेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने के साथ अखिलेश की भाषा से उनका डर दिखाई दे रहा है।
बीजेपी प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने भी अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा कि सपा चुनाव में संभावित हार की जिम्मेदारी से बचने की रणनीति बनाने में जुटी है। उन्होंने दावा किया कि सपा कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे की तैयारी कर रही है और कांग्रेस को बड़ी संख्या में सीटें देने की योजना हो सकती है।
अपना दल ने भी साधा निशाना
NDA की सहयोगी अपना दल ने भी अखिलेश के बयान पर प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेता और मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ ट्वीट और री-ट्वीट की राजनीति नहीं करती, बल्कि जमीन पर जनता के बीच काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने दावा किया कि NDA उत्तर प्रदेश में फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगा।
BJP ने लगाया सहयोगियों को तोड़ने का आरोप
बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव NDA के सहयोगी दलों पर डोरे डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश अपने गठबंधन की अंदरूनी स्थिति पर ध्यान देने के बजाय बीजेपी के सहयोगियों को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं। राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश से शिवपाल यादव और आजम खान की मुलाकात पर ध्यान देने की बात भी कही और दावा किया कि सपा को अपने ही गठबंधन और संगठन की चिंता करनी चाहिए।
फिलहाल सीट बंटवारे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अखिलेश के दावे के बाद यूपी की सियासत में गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है।