KNEWS DESK- बारिश के मौसम में बुखार, शरीर दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतें आम हो जाती हैं. लेकिन हर बुखार डेंगू नहीं होता और हर फ्लू स्वाइन फ्लू नहीं होता. दोनों बीमारियों के शुरुआती लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षण देखकर बीमारी की पहचान करना मुश्किल है. जानिए डेंगू और इन्फ्लुएंजा में क्या अंतर है और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
बारिश और उमस बढ़ने के साथ मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. दूसरी ओर, इन्फ्लुएंजा यानी फ्लू भी लोगों में तेजी से फैल सकता है. डेंगू और फ्लू दोनों में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसी शिकायतें हो सकती हैं. यही वजह है कि कई बार मरीज शुरुआती लक्षणों को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि दोनों बीमारियों के फैलने का तरीका और कुछ प्रमुख लक्षण अलग होते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जबकि इन्फ्लुएंजा संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के जरिए निकलने वाले कणों से फैल सकता है.
डेंगू कैसे फैलता है?
डेंगू डेंगू वायरस से होने वाला संक्रमण है. इसका मुख्य वाहक एडीज मच्छर है. ये मच्छर दिन के समय भी सक्रिय रहते हैं और घरों के आसपास जमा पानी में पनप सकते हैं. कूलर, गमले, पानी की टंकियों, पुराने टायरों और ऐसे अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने देना डेंगू की रोकथाम में मदद कर सकता है. मच्छरों से बचने के लिए शरीर को ढकने वाले कपड़े और मच्छर भगाने वाले उपायों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.
डेंगू के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
डेंगू में आमतौर पर अचानक तेज बुखार के साथ कई अन्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इनमें शामिल हैं तेज बुखार, तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली या उल्टी, त्वचा पर लाल चकत्ते, कमजोरी और थकान WHO के मुताबिक, डेंगू के लक्षण संक्रमण के करीब 4 से 10 दिन बाद शुरू हो सकते हैं और सामान्य मामलों में 2 से 7 दिन तक रह सकते हैं.
स्वाइन फ्लू या इन्फ्लुएंजा में क्या होता है?
जिसे आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू कहा जाता है, वह इन्फ्लुएंजा वायरस से जुड़ी श्वसन संबंधी बीमारी हो सकती है. फ्लू में बुखार और शरीर में दर्द के साथ सांस से जुड़े लक्षण अधिक प्रमुख हो सकते हैं. इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:
- अचानक बुखार
- सूखी या लगातार खांसी
- गले में खराश
- नाक बहना या बंद होना
- सिरदर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- अत्यधिक थकान
WHO के अनुसार, इन्फ्लुएंजा के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 1 से 4 दिन बाद शुरू होते हैं और ज्यादातर लोग करीब एक सप्ताह में ठीक हो जाते हैं.
डेंगू और फ्लू में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
सबसे आसान अंतर यह है कि डेंगू मच्छर के जरिए फैलता है, जबकि फ्लू संक्रमित व्यक्ति से फैलता है. डेंगू में आंखों के पीछे दर्द, तेज सिरदर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द तथा त्वचा पर रैश जैसे लक्षण अधिक देखे जा सकते हैं. वहीं फ्लू में खांसी, गले में खराश और नाक बहना जैसे श्वसन संबंधी लक्षण ज्यादा प्रमुख होते हैं. हालांकि दोनों बीमारियों के लक्षण एक-दूसरे से मिल सकते हैं, इसलिए सिर्फ लक्षणों के आधार पर पक्की पहचान करना सही नहीं है.
प्लेटलेट्स कम होना डेंगू की पक्की पहचान नहीं
डेंगू को लेकर अक्सर प्लेटलेट्स को लेकर चिंता होती है. लेकिन केवल प्लेटलेट्स की संख्या देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि व्यक्ति को डेंगू है या नहीं. बीमारी की पुष्टि डॉक्टर की सलाह और आवश्यक जांच के आधार पर की जाती है. इसी तरह, फ्लू की पहचान भी मरीज के लक्षण, बीमारी के फैलाव और जरूरत पड़ने पर जांच के आधार पर की जा सकती है. दूसरे वायरल संक्रमण भी फ्लू जैसे लक्षण पैदा कर सकते हैं.
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
डेंगू में बुखार कम होने के बाद भी मरीज की हालत बिगड़ सकती है. तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, तेजी से सांस लेना, मसूड़ों या नाक से खून आना, उल्टी या मल में खून, अत्यधिक कमजोरी या बेचैनी जैसे संकेत गंभीर डेंगू की चेतावनी हो सकते हैं. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए. फ्लू में भी सांस लेने में परेशानी, लगातार बिगड़ती हालत या गंभीर कमजोरी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू की जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है.
बचाव के लिए क्या करें?
डेंगू से बचने के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचाव करें और दिन में भी रिपेलेंट या अन्य सुरक्षा उपाय अपनाएं. फ्लू से बचाव के लिए भीड़भाड़ वाली बंद जगहों से बचना, कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखना, हाथ साफ रखना और खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकना मददगार हो सकता है. बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना भी संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद करता है.
बुखार को सामान्य समझकर न करें नजरअंदाज
डेंगू और फ्लू दोनों में शुरुआती लक्षण एक जैसे हो सकते हैं. इसलिए तेज बुखार के साथ शरीर में ज्यादा दर्द, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, उल्टी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें. सही समय पर बीमारी की पहचान और उचित चिकित्सा ही गंभीर जटिलताओं से बचने का सबसे बेहतर तरीका है.