Knews Desk– शेयर बाजार में किसी बड़े और चर्चित निवेशक की एंट्री अक्सर किसी कंपनी के शेयर को सुर्खियों में ला देती है. ऐसा ही कुछ जैगल प्रीपेड ओशन सर्विसेज (Zaggle Prepaid Ocean Services) के साथ देखने को मिला है. दिग्गज निवेशक विजय केडिया की फर्म केडिया सिक्योरिटीज ने कंपनी के 20 लाख शेयर खरीदे हैं. करीब 33 करोड़ रुपये की इस डील की खबर सामने आते ही बुधवार को जैगल प्रीपेड के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और कारोबार के दौरान स्टॉक करीब 17.4 फीसदी तक उछल गया.
बुधवार, 19 अगस्त को जैगल प्रीपेड का शेयर पिछले बंद भाव 165.88 रुपये के मुकाबले 187.40 रुपये पर खुला. इसके बाद खरीदारी बढ़ने के साथ शेयर 194.70 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया. यानी एक ही कारोबारी सत्र में इसमें करीब 17 फीसदी की तेजी देखने को मिली. एनएसई के बल्क डील आंकड़ों के मुताबिक, केडिया सिक्योरिटीज ने मंगलवार को जैगल प्रीपेड के 20 लाख शेयर औसतन 164.72 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे. इस हिसाब से सौदे की कुल वैल्यू करीब 32.94 करोड़ रुपये बैठती है.
दिलचस्प बात यह है कि विजय केडिया की फर्म ने कंपनी में उस समय एंट्री ली है, जब जैगल प्रीपेड का शेयर हाल में अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचा था. 18 अगस्त को शेयर ने 154.36 रुपये का 52-हफ्ते का लो बनाया था. इस साल अब तक कंपनी के शेयर में करीब 47 फीसदी की गिरावट आ चुकी थी. अगस्त महीने में भी स्टॉक करीब 10 फीसदी नीचे था. ऐसे में इतने दबाव के बीच केडिया की ओर से की गई खरीदारी ने बाजार में कंपनी को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू कर दी है.जैगल प्रीपेड में केवल विजय केडिया की ही दिलचस्पी नहीं है. दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया के पास भी कंपनी की हिस्सेदारी है. जून 2026 तिमाही के अंत तक कचोलिया के पास कंपनी के 29,03,356 शेयर थे, जो करीब 2.16 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर हैं. इसके अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPIs के पास भी कंपनी की करीब 2.31 फीसदी हिस्सेदारी है.
हालांकि कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजे पूरी तरह मजबूत नहीं रहे हैं. जैगल प्रीपेड ने 14 अगस्त को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए थे. कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 32.9 फीसदी घटकर 17.53 करोड़ रुपये रह गया. इसके बावजूद कंपनी के ऑपरेशंस से होने वाले राजस्व में 27.5 फीसदी की अच्छी बढ़ोतरी हुई और यह 423.27 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह कंपनी द्वारा किए गए कुछ अधिग्रहणों से जुड़े खर्च बताए गए हैं. Dice और Zag.Money के अधिग्रहण से जुड़े खर्च, कर्मचारियों के ट्रांसफर और एकमुश्त भुगतान का असर कंपनी के मार्जिन पर पड़ा. कंपनी का कहना है कि Dice से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स की आय का असर दूसरी तिमाही से दिखाई देना शुरू हो सकता है.
अब सवाल है कि जैगल प्रीपेड आखिर कारोबार क्या करती है? कंपनी मुख्य रूप से B2B2C मॉडल पर काम करती है और बिजनेस के लिए SaaS आधारित वित्तीय तकनीक समाधान उपलब्ध कराती है. इसके उत्पादों में टैक्स, पेरोल और कॉर्पोरेट खर्च प्रबंधन से जुड़े समाधान शामिल हैं. बैंकिंग, फाइनेंस, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, FMCG, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमोबाइल जैसे कई बड़े सेक्टर की कंपनियां इसके ग्राहक हैं.यही वजह है कि कमजोर शेयर प्रदर्शन और हालिया मुनाफे में गिरावट के बावजूद विजय केडिया की करीब 33 करोड़ रुपये की खरीदारी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है. हालांकि किसी बड़े निवेशक की खरीदारी को शेयर में तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता. निवेशकों को कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और भविष्य की ग्रोथ को समझने के बाद ही कोई निवेश फैसला लेना चाहिए.