Knews Desk– भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा। मैच शुरू होने से पहले ही श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने टीम इंडिया को चेतावनी दे दी है। उन्होंने गॉल टेस्ट के लिए अपनी टीम की रणनीति के संकेत देते हुए बताया कि श्रीलंका किस तरह भारतीय टीम को मुश्किल में डालना चाहता है। उनके मुताबिक, मेजबान टीम की कोशिश शुरुआत से ही पिच को पूरी तरह स्पिन के हवाले करने की नहीं, बल्कि मुकाबले को चौथे और पांचवें दिन तक ले जाने की होगी।धनंजय डी सिल्वा के मुताबिक गॉल की पिच मैच के आगे बढ़ने के साथ अपना मिजाज बदल सकती है। शुरुआती दिनों में बल्लेबाजों को अपेक्षाकृत बेहतर परिस्थितियां मिल सकती हैं, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा और पिच पर टूट-फूट होगी, स्पिन गेंदबाजों का प्रभाव बढ़ सकता है। श्रीलंका इसी बदलाव को भारत के खिलाफ अपने सबसे बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है।
श्रीलंकाई कप्तान ने साफ कहा कि अगर उनकी टीम मुकाबले को चौथे और पांचवें दिन तक ले जाने में सफल रहती है तो भारत को हराने की उसकी संभावना बढ़ जाएगी। यानी श्रीलंका का प्लान शुरुआती दिनों में भारत को रोकने के साथ-साथ अपनी बल्लेबाजी को मजबूत रखने और बाद के दिनों के लिए अपने स्पिन अटैक को बचाकर रखने का है।गॉल की परिस्थितियों को देखते हुए मौसम भी इस रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है। श्रीलंका में हाल के दिनों में बारिश हुई है और पिच में नमी मौजूद है। ऐसे में मैच के शुरुआती दिनों में तेज गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिल सकती है। इसके बाद जैसे-जैसे धूप और लगातार क्रिकेट के कारण सतह सूखती और खराब होती जाएगी, स्पिनरों के लिए परिस्थितियां ज्यादा अनुकूल होने की उम्मीद है।
धनंजय ने भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ हालिया मुश्किलों का भी जिक्र किया। भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में टर्निंग पिचों पर हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, श्रीलंकाई कप्तान ने यह मानने से इनकार किया कि भारतीय बल्लेबाज स्पिन खेलना भूल चुके हैं। उनका मानना है कि भारतीय टीम इन परिस्थितियों में वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार होगी।श्रीलंका के प्लान में प्रभात जयसूर्या की भूमिका भी बेहद अहम रहने वाली है। बाएं हाथ के स्पिनर जयसूर्या गॉल की परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं और यहां विदेशी बल्लेबाजों के खिलाफ उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। धनंजय ने माना कि मौजूदा दोनों टीमों के खिलाड़ियों में जयसूर्या के पास गॉल में खेलने का सबसे ज्यादा अनुभव है। यही अनुभव श्रीलंका के लिए बड़ा फायदा बन सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि धनंजय ने शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल या ऋषभ पंत को भारत का सबसे बड़ा खतरा नहीं बताया। उन्होंने केएल राहुल को श्रीलंका के लिए सबसे बड़ा खतरा माना। कप्तान के मुताबिक राहुल के पास विदेशी परिस्थितियों में खेलने का लंबा अनुभव है और वह पहले भी श्रीलंका में खेल चुके हैं।भारत के लिए एक चुनौती जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी भी रहेगी। धनंजय ने इसे भारतीय टीम के लिए नुकसान बताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि भारत के पास अब भी कई मैच विनर मौजूद हैं। ऐसे में गॉल टेस्ट में मुकाबला सिर्फ स्पिन बनाम स्पिन नहीं होगा, बल्कि पिच, मौसम, शुरुआती बल्लेबाजी और मैच के आखिरी दो दिनों में स्पिन के असर के बीच भी बड़ा खेल देखने को मिलेगा।