KNEWS DESK- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ताजा रिपोर्ट में नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके को अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से आधिकारिक तौर पर जोड़ा गया है। रिपोर्ट में AQIS के बांग्लादेश में अपने सेल स्थापित करने की कोशिश को लेकर भी चिंता जताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, AQIS पिछले कुछ वर्षों में एक बिखरे हुए समूह से विकसित होकर क्षेत्रीय आतंकवादी संगठन के रूप में उभरा है। संगठन ने लॉजिस्टिक्स और वित्तीय नेटवर्क तैयार किए हैं और बड़े संगठित समूहों के बजाय छोटे और विकेंद्रीकृत सेल के जरिए गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया है।
नवंबर 2025 में हुआ था लाल किले के पास धमाका
दिल्ली में लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को एक कार में जोरदार विस्फोट हुआ था। इस धमाके में कई लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। मामले की जांच बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई थी। NIA ने मई 2026 में इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, सभी आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े थे, जिसे AQIS का सहयोगी संगठन बताया गया है। NIA ने मुख्य आरोपी के रूप में डॉ. उमर उन नबी का नाम लिया था, जिसकी धमाके में मौत हो गई थी।
NIA की जांच में यह भी सामने आया था कि धमाके में इस्तेमाल कार को लेकर साजिश में कई लोग शामिल थे। एजेंसी ने मामले की जांच के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारियां कीं और हमले की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए कई राज्यों में कार्रवाई की थी।
UN रिपोर्ट में AQIS को जिम्मेदार ठहराया गया
अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध निगरानी टीम की रिपोर्ट में नवंबर 2025 के लाल किला हमले को AQIS से आधिकारिक तौर पर जोड़ा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि AQIS की गतिविधियां सिर्फ भारत तक सीमित नहीं हैं और संगठन बांग्लादेश में भी अपने नेटवर्क का विस्तार करने की कोशिश कर रहा है।
रिपोर्ट में AQIS के संगठनात्मक ढांचे को लेकर भी चिंता जताई गई है। इसके मुताबिक, संगठन ने छोटे-छोटे और विकेंद्रीकृत सेल के जरिए काम करने की रणनीति अपनाई है। इससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसके नेटवर्क और गतिविधियों पर नजर रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
जांच में सामने आया था बड़ा आतंकी नेटवर्क
लाल किला ब्लास्ट मामले की जांच के दौरान NIA ने कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के मुताबिक, आरोपी हमले की साजिश और उसे अंजाम देने में अलग-अलग स्तर पर शामिल थे। जांच में तकनीकी मदद, वाहन की व्यवस्था और लॉजिस्टिक सपोर्ट से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की गई।
NIA ने अपनी चार्जशीट में आरोपियों को AQIS के सहयोगी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़ा बताया था। अब UN की रिपोर्ट में AQIS का सीधे तौर पर उल्लेख होने से मामले की अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद कड़ी पर भी ध्यान गया है।
बांग्लादेश में नेटवर्क फैलाने की कोशिश पर चिंता
UN रिपोर्ट में AQIS की बांग्लादेश में संभावित गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, संगठन वहां अपने सेल स्थापित करने के अवसर तलाश रहा है। इससे दक्षिण एशिया में आतंकी नेटवर्क के विस्तार को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ सकती है।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद लाल किला ब्लास्ट की जांच में AQIS की भूमिका एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और जांच के निष्कर्षों को न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में ही देखा जाना होगा।