Knews Desk– इंग्लैंड के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज जॉस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर काइरन पोलार्ड का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। लेकिन इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद जब उनसे पूछा गया कि भविष्य में उनका यह रिकॉर्ड कौन तोड़ सकता है, तो बटलर ने बिना किसी झिझक के भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का नाम लिया। बटलर का यह बयान क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं और उन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा है।
रिकॉर्ड बनाने के बाद स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में जॉस बटलर ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए यह गर्व की बात होती है कि उसके नाम टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड हो। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि रिकॉर्ड हमेशा टूटने के लिए ही बनते हैं। बटलर ने कहा कि अगर भविष्य में कोई खिलाड़ी उनका रिकॉर्ड तोड़ सकता है, तो वह वैभव सूर्यवंशी हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा होता है तो उन्हें इस पर खुशी और गर्व होगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बटलर ने इतनी कम उम्र के खिलाड़ी पर इतना बड़ा भरोसा क्यों जताया? इसकी सबसे बड़ी वजह वैभव सूर्यवंशी का बेखौफ अंदाज और उनकी लगातार शानदार बल्लेबाजी है। पिछले कुछ समय में वैभव ने उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व खेल दिखाया है। उन्होंने अंडर-19 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और इसके बाद आईपीएल में भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचा।वैभव ने इसी साल अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में भी कदम रखा और शुरुआत से ही प्रभावित किया। जिम्बाब्वे दौरे पर खेली गई तीन मैचों की टी20 सीरीज में उन्होंने सबसे ज्यादा 151 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार अपने नाम किया। उनकी निडर बल्लेबाजी, तेज रन बनाने की क्षमता और बड़े शॉट खेलने का अंदाज उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाता है। यही कारण है कि दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज जॉस बटलर भी उनके भविष्य को लेकर इतने आश्वस्त नजर आते हैं।
वैभव सूर्यवंशी के पक्ष में सबसे बड़ा पहलू उनकी उम्र है। महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। अगर वह आने वाले वर्षों में अपनी फिटनेस और फॉर्म बरकरार रखते हैं, तो उनके पास लगभग दो दशक तक शीर्ष स्तर पर क्रिकेट खेलने का मौका होगा। इतनी लंबी अवधि तक लगातार खेलने का मतलब है कि उनके पास टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड बनाने और तोड़ने के पर्याप्त अवसर होंगे।इसके अलावा टी20 क्रिकेट का बढ़ता प्रभाव भी वैभव के पक्ष में जाता है। दुनिया भर में फ्रेंचाइजी लीग्स लगातार बढ़ रही हैं और आईपीएल जैसे टूर्नामेंट खिलाड़ियों को हर साल बड़ी संख्या में मुकाबले खेलने का मौका देते हैं। अगर वैभव लंबे समय तक आईपीएल और भारतीय टीम का हिस्सा बने रहते हैं, तो उनके मैचों की संख्या भी लगातार बढ़ेगी। ज्यादा मैचों का सीधा मतलब है ज्यादा रन बनाने का अवसर, जिससे बटलर के रिकॉर्ड तक पहुंचना संभव हो सकता है।
हालांकि किसी भी रिकॉर्ड को तोड़ना आसान नहीं होता। इसके लिए सिर्फ प्रतिभा ही नहीं, बल्कि निरंतर प्रदर्शन, फिटनेस, अनुशासन और लंबे समय तक दबाव में खेलने की क्षमता भी जरूरी होती है। फिलहाल वैभव सूर्यवंशी ने अपने करियर की शानदार शुरुआत की है और उन्होंने यह दिखा दिया है कि उनमें बड़े मंच पर सफल होने की क्षमता मौजूद है।अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस युवा बल्लेबाज के सफर पर होगी। अगर वैभव सूर्यवंशी आने वाले वर्षों में इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो वह न सिर्फ भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं, बल्कि जॉस बटलर की भविष्यवाणी को भी सच साबित करते हुए टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का नया इतिहास रच सकते हैं।