Knews Desk: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बुधवार, 5 अगस्त को नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई उनकी मुलाकात के बाद अब ओम बिरला से भेंट ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि, जेडीयू ने इसे औपचारिक और शिष्टाचार मुलाकात बताया है।
नीतीश कुमार ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ हुई मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसे लेकर फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद इसके राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे हैं।
ओम बिरला से मिलने से पहले नीतीश कुमार ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। पीएम मोदी और नीतीश कुमार के बीच हुई बातचीत को लेकर भी कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। ऐसे में लगातार दो दिनों में हुई इन हाई-प्रोफाइल मुलाकातों की टाइमिंग ने सियासी अटकलों को हवा दे दी है।
शिष्टाचार भेंट या कोई सियासी संकेत?
राजनीतिक जानकारों का एक वर्ग इन बैठकों को सामान्य शिष्टाचार मुलाकात के तौर पर देख रहा है। वहीं, बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच नीतीश कुमार की दिल्ली में बढ़ी सक्रियता को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। जेडीयू की ओर से हालांकि ओम बिरला के साथ हुई मुलाकात को पूरी तरह औपचारिक बताया गया है।
नीतीश कुमार की इन मुलाकातों को हाल में हुए बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। इस सीट पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था, जबकि लंबे समय से यहां पार्टी का दबदबा रहा था। चुनावी नतीजे के बाद बिहार की राजनीति में सियासी गतिविधियां तेज हुई हैं।
ऐसे माहौल में नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात ने राजनीतिक दलों और विश्लेषकों का ध्यान खींचा है। फिलहाल इन बैठकों के पीछे किसी खास राजनीतिक एजेंडे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नीतीश कुमार की दिल्ली में लगातार हो रही मुलाकातों पर सियासी नजरें जरूर टिकी हुई हैं।