KNEWS DESK – ग्लासगो में 11 दिनों तक चले रोमांचक मुकाबलों के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का रविवार (2 अगस्त) को भव्य समापन होने जा रहा है। भारत के लिए इस बार क्लोजिंग सेरेमनी बेहद खास होगी। समापन समारोह में पारंपरिक हैंडओवर के दौरान अहमदाबाद का 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के मेजबान शहर के रूप में आधिकारिक स्वागत किया जाएगा।
वैश्विक दर्शकों की मौजूदगी में खेलों का ध्वज और ‘किंग्स बैटन’ भारत को सौंपा जाएगा। इसी के साथ भारत में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों का औपचारिक आगाज हो जाएगा।
भारत दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में इन खेलों का आयोजन हुआ था, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 101 पदक अपने नाम किए थे।
2030 में बेहद खास होगा कॉमनवेल्थ गेम्स
अहमदाबाद में होने वाला 2030 का संस्करण इसलिए भी ऐतिहासिक होगा, क्योंकि इसे शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स के रूप में आयोजित किया जाएगा।
भारत के लिए यह सिर्फ एक बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी का मौका नहीं होगा, बल्कि दुनिया के सामने अपनी खेल क्षमता, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक विरासत को पेश करने का भी बड़ा अवसर होगा।
ग्लासगो की क्लोजिंग सेरेमनी में होने वाला हैंडओवर इस सफर की पहली आधिकारिक झलक पेश करेगा। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी इस औपचारिक प्रक्रिया में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
दुनिया देखेगी अहमदाबाद 2030 की पहली झलक
क्लोजिंग सेरेमनी के हैंडओवर सेगमेंट के दौरान भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता और विरासत को दुनिया के सामने पेश करेगा। इसमें गुजरात की संस्कृति पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है।
आयोजकों के मुताबिक, हैंडओवर से पहले होने वाली प्रस्तुतियों में भारत और स्कॉटलैंड के बीच दोस्ती और सांस्कृतिक संबंधों को भी दर्शाया जाएगा।
भारतीय सांस्कृतिक प्रस्तुति को तीन प्रमुख एक्ट में बांटा गया है।
इसकी शुरुआत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष श्रद्धांजलि के साथ होगी। इसके बाद भारतीय और स्कॉटिश संगीत का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।
सितार और स्कॉटिश पाइप की होगी जुगलबंदी
समारोह के सबसे दिलचस्प हिस्सों में से एक भारतीय सितार वादक ऋषभ रिखिराम शर्मा और स्कॉटिश पाइपर रॉस एिन्सले की जुगलबंदी होगी।
दोनों कलाकार भारतीय सितार और पारंपरिक स्कॉटिश पाइप के जरिए दो अलग-अलग संगीत संस्कृतियों को एक मंच पर लाएंगे।
भारतीय प्रस्तुति का आखिरी एक्ट दर्शकों को देश की सांस्कृतिक यात्रा पर लेकर जाएगा, जिसमें गुजरात को केंद्र में रखा जाएगा।
शंकर महादेवन और रश्मिका मंदाना होंगे खास आकर्षण
भारतीय दर्शकों के लिए हैंडओवर सेगमेंट में कई बड़े नाम आकर्षण का केंद्र रहेंगे। गायक शंकर महादेवन और अभिनेत्री रश्मिका मंदाना भारतीय सांस्कृतिक प्रस्तुति का नेतृत्व करेंगे। इसके अलावा ऋषभ रिखिराम शर्मा और रॉस एिन्सले की विशेष प्रस्तुति भी होगी।
अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की बात करें तो स्कॉटलैंड का मशहूर रॉक बैंड Simple Minds कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा। इसके साथ ही डेल्टा गुडरेम, BEMZ, कैमी बार्न्स और सैंडी थॉम भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
कब और कहां होगा Closing Ceremony?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन समारोह स्कॉटलैंड के ग्लासगो स्थित OVO Hydro Arena में आयोजित किया जाएगा। इस एरिना में करीब 13 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। भारतीय समय के अनुसार क्लोजिंग सेरेमनी सोमवार, 3 अगस्त को रात 1:30 बजे शुरू होगी। वहीं स्कॉटलैंड के स्थानीय समय के अनुसार कार्यक्रम रविवार, 2 अगस्त को रात 9 बजे शुरू होगा।
भारत में कहां देख सकेंगे LIVE?
भारतीय खेल प्रेमी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी का लाइव प्रसारण दूरदर्शन पर देख सकेंगे। इसके अलावा कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग SonyLIV पर भी उपलब्ध होने की बात कही गई है। भारतीय समय के अनुसार इसका प्रसारण सोमवार, 3 अगस्त को रात 1:30 बजे से शुरू होगा। ग्लासगो में जैसे ही 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का पर्दा गिरेगा, वैसे ही नजरें अहमदाबाद 2030 पर टिक जाएंगी। खेलों का ध्वज और किंग्स बैटन भारत को सौंपे जाने के साथ ही चार साल बाद होने वाले शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स की उलटी गिनती भी औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।