Knews Desk- पाकिस्तान के कराची स्थित ल्यारी इलाके में एक बार फिर गैंगवार की आहट सुनाई देने लगी है। जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर और भंग हो चुकी पीपुल्स अमन कमेटी के पूर्व प्रमुख उजैर बलूच के भाई जुबैर बलूच पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दो राहगीर भी गोली लगने से जख्मी हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुराने गैंग संघर्ष की चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला कराची के चाकीवाड़ा रोड पर हुआ। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घायल जुबैर बलूच को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके सीने और पेट में लगी गोलियों के कारण डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी की। अन्य दो घायलों का भी इलाज जारी है।
कराची साउथ ज़ोन के डीआईजी सैयद असद रजा के मुताबिक, जुबैर बलूच अपने घर के बाहर सिंगू लेन में बैठा हुआ था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार हमलावर पहुंचे और उस पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शुरुआती जांच में गैंगवार के साथ-साथ निजी रंजिश के एंगल को भी खंगाला जा रहा है।
जुबैर बलूच का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जुबैर बलूच को वर्ष 2012 में सात अलग-अलग आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे जमानत मिल गई और जनवरी 2025 में वह जेल से बाहर आया। रिहाई के बाद उसने एक राजनीतिक दल का दामन भी थामा था और हाल के दिनों में इलाके में उस पार्टी के झंडे लगाए जाने की भी चर्चा रही।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अमेरिका-ईरान तनाव के बाद कराची ऑपरेशन के दौरान विदेश भागे कई पुराने गैंगस्टरों के लौटने की चर्चाएं हैं। इसी वजह से लोगों में आशंका बढ़ रही है कि कभी गैंगवार के लिए बदनाम रहा ल्यारी फिर से हिंसा के दौर में लौट सकता है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब मार्च 2026 में आतंकवाद निरोधक अदालत ने उजैर बलूच की हत्या, विस्फोटक रखने और सुरक्षा बलों पर हमले से जुड़े सात मामलों में जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इससे पहले अप्रैल 2020 में सैन्य अदालत ने जासूसी के मामले में उसे 12 वर्ष की सजा सुनाई थी। उजैर बलूच पर 2012 में सुरक्षा बलों पर हथियारों और विस्फोटकों से हमला करने के आरोप भी लगे थे।