CWG 2026: आखिरी लिफ्ट ने बदल दी बाजी, लवप्रीत सिंह को मिला सिल्वर

Knews Desk– कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की सुपर-हेवीवेट (110 किलोग्राम से अधिक) स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया। भारतीय नौसेना में अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे 29 वर्षीय लवप्रीत ने पूरे मुकाबले में दमदार खेल दिखाया और गोल्ड मेडल के बेहद करीब पहुंच गए। हालांकि आखिरी प्रयास में महज 1 किलोग्राम के अंतर से उन्हें स्वर्ण पदक से चूकना पड़ा। उनके सिल्वर मेडल के साथ भारत ने वेटलिफ्टिंग अभियान का शानदार समापन किया और इस खेल में कुल आठ पदक अपने नाम किए।ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के आठवें दिन भारत को लंबे इंतजार के बाद पदक मिला। वेटलिफ्टिंग के अंतिम इवेंट में लवप्रीत सिंह ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। स्नैच राउंड में उन्होंने अपने तीनों प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए। उन्होंने पहले 168 किलोग्राम, फिर 173 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 176 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बना दिया। इस प्रदर्शन के बाद वह न्यूजीलैंड के अनुभवी खिलाड़ी डेविड लिटी से 10 किलोग्राम आगे थे और स्वर्ण पदक के सबसे बड़े दावेदार बन गए।

क्लीन एंड जर्क राउंड में भी लवप्रीत ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की। पहले प्रयास में उन्होंने 205 किलोग्राम वजन उठाया, जिससे उनका कुल स्कोर 381 किलोग्राम पहुंच गया। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने 212 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाकर अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। इस समय तक उनका पदक लगभग तय हो चुका था और गोल्ड भी उनकी पहुंच में दिखाई दे रहा था।

लेकिन मुकाबले का सबसे रोमांचक पल आखिरी प्रयास में आया। लवप्रीत ने 217 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सके। इसी का फायदा उठाते हुए न्यूजीलैंड के डेविड लिटी ने अपना अंतिम दांव खेला। उन्होंने सीधे 223 किलोग्राम वजन उठाने का फैसला किया और सफल भी रहे। इस एक लिफ्ट ने मुकाबले का पूरा परिणाम बदल दिया। कुल वजन के आधार पर लिटी ने लवप्रीत को सिर्फ 1 किलोग्राम से पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया, जबकि भारतीय खिलाड़ी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।हालांकि गोल्ड मेडल से चूकने का अफसोस जरूर रहा, लेकिन लवप्रीत का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा। उन्होंने लगातार दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीता है। इससे पहले बर्मिंघम 2022 में भी उन्होंने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया था। इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए कांस्य को रजत में बदल दिया और भारतीय वेटलिफ्टिंग की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाया।

पंजाब के अमृतसर से ताल्लुक रखने वाले लवप्रीत सिंह भारतीय नौसेना में अधिकारी हैं। सेना की जिम्मेदारियों के साथ खेल में उच्च स्तर का प्रदर्शन करना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने अनुशासन, मेहनत और समर्पण के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है कि कठिन परिस्थितियों और जिम्मेदारियों के बीच भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का वेटलिफ्टिंग अभियान बेहद सफल रहा। टीम ने कुल आठ पदक जीते, जिनमें छह रजत पदक शामिल रहे। लवप्रीत सिंह का सिल्वर मेडल इस अभियान का शानदार समापन साबित हुआ। भले ही वह महज एक किलोग्राम से गोल्ड से चूक गए, लेकिन उनका संघर्ष, रिकॉर्ड प्रदर्शन और जज्बा भारतीय खेल इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *