Knews Desk- राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने भारत आदिवासी पार्टी (BAP) से जुड़े 300 से अधिक समर्थकों के साथ कांग्रेस में वापसी की, लेकिन उनकी यह जॉइनिंग पार्टी मुख्यालय की बजाय पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर होने से नया विवाद खड़ा हो गया।
सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर आयोजित कार्यक्रम में अशोक गहलोत ने महेंद्रजीत सिंह मालवीय और उनके समर्थकों का कांग्रेस का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। गहलोत ने कहा कि मालवीय कुछ गलतफहमियों के कारण पार्टी से अलग हो गए थे, लेकिन अब वे दोबारा कांग्रेस परिवार का हिस्सा बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान आदिवासी क्षेत्रों में सिंचाई, सड़क, शिक्षा और एनीकट जैसे कई विकास कार्य हुए। साथ ही उन्होंने मनरेगा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सूखे और अकाल के समय इस योजना ने बांसवाड़ा और डूंगरपुर जैसे जिलों में लाखों लोगों को रोजगार देकर बड़ी राहत पहुंचाई।
BAP से कांग्रेस को नुकसान, बीजेपी को फायदा: गहलोत
गहलोत ने दावा किया कि भारत आदिवासी पार्टी के गठन से कांग्रेस का वोट बैंक प्रभावित हुआ और इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिला। उनके मुताबिक BAP के मैदान में उतरने से कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला बना, जिससे कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में BAP के और भी कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल होंगे।
महेंद्रजीत सिंह मालवीय की गहलोत के आवास पर हुई जॉइनिंग को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन किसी एक व्यक्ति से बड़ा है और पार्टी में शामिल होने की औपचारिक प्रक्रिया प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) में होनी चाहिए।
डोटासरा ने कहा कि व्यक्तिवाद की राजनीति ने पहले भी कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है। उनका कहना था कि मालवीय को पहले संगठन के पास आना चाहिए था। हालांकि बाद में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गहलोत के यहां केवल स्वागत कार्यक्रम हुआ था और पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होने के लिए मालवीय कार्यकर्ताओं के साथ पीसीसी भी आएंगे।
मालवीय बोले- इसमें कोई विवाद नहीं
महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने विवाद को ज्यादा तूल देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उन्होंने अशोक गहलोत से मुलाकात की, जहां उन्हें और उनके समर्थकों को कांग्रेस का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया। पीसीसी में जॉइनिंग नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई असामान्य बात नहीं है और इसे बेवजह मुद्दा बनाया जा रहा है।
पंचायत और निकाय चुनाव से पहले महेंद्रजीत सिंह मालवीय की कांग्रेस में वापसी को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। हालांकि उनकी जॉइनिंग के तरीके को लेकर पार्टी के भीतर ही अलग-अलग राय सामने आने से कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।