पंजाब में सफाई कर्मचारियों को बड़ी राहत, सरकार ने नौकरी नियमित करने का किया ऐलान

KNEWS DESK- पंजाब सरकार ने सफाई कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उनकी सेवाओं को नियमित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने संविदा और आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को राहत देने के लिए नई नीति लागू करने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि जिन सफाई कर्मचारियों ने संविदा पर पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें नियमित किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2021 में संविदा पर भर्ती हुए कर्मचारियों को भी इस फैसले का लाभ मिलेगा। नियमित होने वाले कर्मचारियों का संशोधित वेतन 1 अगस्त से प्रभावी होगा।

इस फैसले की जानकारी पंजाब सरकार में मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दी। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी नगर निगम और नगर निकाय अपने-अपने सदनों में प्रस्ताव पारित कर स्थानीय सरकार विभाग को भेजेंगे। विभाग इन प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देगा, ताकि कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके।

सरकार ने केवल संविदा कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि आउटसोर्स आधार पर काम कर रहे सफाई और सीवर कर्मचारियों के लिए भी राहत का ऐलान किया है। मंत्री के अनुसार, जो कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था में तीन वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं, उन्हें संविदा आधार पर नियुक्त किया जाएगा। इससे हजारों कर्मचारियों को स्थायी रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच हुई बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी। इसी बैठक में वेतन बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। पहले सफाई कर्मचारियों को लगभग 10,500 रुपये मासिक वेतन मिलता था, जिसे हाल ही में बढ़ाकर 14,000 रुपये किया गया था। अब सरकार ने परिवीक्षा अवधि के दौरान मिलने वाला वेतन बढ़ाकर 20,500 रुपये प्रति माह करने का फैसला किया है। यह बढ़ा हुआ वेतन 1 अगस्त से लागू होगा।

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब हाल ही में बरनाला में सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज का मामला सामने आया था। 22 जुलाई को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई के बाद पूरे राज्य में विरोध तेज हो गया था। वाल्मीकि समाज और विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया और बरनाला के तत्कालीन डीएसपी को निलंबित कर दिया।

लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज ने पंजाब बंद का आह्वान भी किया था। इसका सबसे अधिक असर जालंधर समेत कई शहरों में देखने को मिला, जहां बाजार बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। हालांकि, सरकार द्वारा कर्मचारियों की प्रमुख मांगें स्वीकार करने और नियमितीकरण व वेतन वृद्धि का भरोसा देने के बाद कर्मचारी संगठनों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी।

मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अन्य कर्मचारी संगठनों से भी काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मानसून के मौसम में सफाई व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है, इसलिए सभी कर्मचारियों का सहयोग आवश्यक है। सरकार का दावा है कि इस फैसले से हजारों सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी, साथ ही शहरी निकायों की कार्यप्रणाली भी अधिक मजबूत होगी।

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