सरकार-CJP समझौते का असर! बिहार और असम के छात्रों पर दर्ज केस हटाने की तैयारी

Knews Desk– बिहार और असम में हाल के छात्र प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की दिशा में बड़ी प्रगति होने का दावा किया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में दोनों राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने पर सहमति बनी है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

सौरभ दास ने बताया कि सोमवार देर रात हुई बैठक में सरकार के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि बिहार और असम में छात्रों तथा अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनका कहना है कि यह फैसला उन युवाओं के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जिन्होंने परीक्षा व्यवस्था और अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलन में हिस्सा लिया था।CJP के अनुसार, आंदोलन के दौरान कई छात्रों और युवाओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे। पार्टी का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी लगातार सरकार पर दबाव बना रही थी और चेतावनी दी थी कि यदि कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।

सौरभ दास ने कहा कि सरकार के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही और उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी फिलहाल सरकार को अपने वादे को पूरा करने का समय दे रही है, लेकिन यदि तय समय के भीतर आदेश जारी नहीं हुए तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।बताया जा रहा है कि बैठक में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई और लंबित मामलों की समीक्षा पर भी चर्चा हुई। पार्टी का कहना है कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है। हालांकि पश्चिम बंगाल से जुड़े मामलों पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और उस पर बातचीत जारी रहने की बात कही गई है।

इस घटनाक्रम को हालिया छात्र आंदोलन की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से बिहार, असम और अन्य राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार आवाज उठाई जा रही थी। इसी दबाव के बीच सरकार और CJP के बीच वार्ता हुई, जिसके बाद यह दावा सामने आया है।हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अभी तक सरकार की ओर से एफआईआर वापस लेने या सभी प्रदर्शनकारियों की रिहाई को लेकर कोई आधिकारिक आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में अंतिम स्थिति सरकार की औपचारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी। फिलहाल CJP ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए उम्मीद जताई है कि सरकार अपने आश्वासन पर अमल करेगी।

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