Knews Desk– भारत के प्रीमियम कार बाजार में खरीदारों की पसंद तेजी से बदल रही है। कुछ साल पहले तक 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली कारों के खरीदार पेट्रोल और डीजल मॉडल्स को प्राथमिकता देते थे, लेकिन अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े ताजा आंकड़े बताते हैं कि जनवरी से मई 2026 के दौरान 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली कारों की कुल बिक्री में लगभग 49 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मॉडल्स की रही। यह बदलाव दिखाता है कि प्रीमियम ग्राहकों की सोच अब पारंपरिक ईंधन से आगे बढ़कर आधुनिक और टिकाऊ तकनीक की ओर जा रही है।रिपोर्ट के अनुसार, करीब तीन साल पहले इस सेगमेंट में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों की हिस्सेदारी केवल 10 प्रतिशत के आसपास थी। यानी बहुत कम समय में इन वाहनों की लोकप्रियता में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सबसे बड़ा कारण बेहतर तकनीक, लंबी ड्राइविंग रेंज, कम परिचालन लागत और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता है। अब लग्जरी कार खरीदार केवल इंजन की क्षमता या ब्रांड पर ही नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों और कुल स्वामित्व लागत (Total Cost of Ownership) को भी ध्यान में रखकर फैसला ले रहे हैं।
आम कार खरीदार जहां आज भी माइलेज, पेट्रोल-डीजल की कीमत और मेंटेनेंस खर्च को प्राथमिकता देता है, वहीं प्रीमियम सेगमेंट के ग्राहक बेहतर ड्राइविंग अनुभव, एडवांस टेक्नोलॉजी, डिजिटल फीचर्स और शांत ड्राइविंग को अधिक महत्व दे रहे हैं। इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारें इन सभी अपेक्षाओं पर काफी हद तक खरी उतर रही हैं। यही वजह है कि इस श्रेणी में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।बदलती ग्राहक पसंद को देखते हुए लग्जरी कार निर्माता कंपनियां भी अपनी रणनीति में बदलाव कर रही हैं। अब उनका फोकस केवल पेट्रोल और डीजल मॉडल्स तक सीमित नहीं है। कंपनियां लगातार नए इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड मॉडल भारतीय बाजार में लॉन्च कर रही हैं। उनका उद्देश्य उन ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करना है, जो भविष्य की तकनीक और टिकाऊ परिवहन विकल्पों को अपनाना चाहते हैं।
Mercedes-Benz India का कहना है कि आज का ग्राहक केवल कार की शुरुआती कीमत नहीं देखता, बल्कि यह भी समझना चाहता है कि आने वाले वर्षों में ईंधन, सर्विस और रखरखाव पर कुल कितना खर्च होगा। कंपनी के अनुसार, इसी सोच की वजह से उसकी इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। हालांकि, कंपनी यह भी मानती है कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिक वाहनों की रीसेल वैल्यू जैसे मुद्दों पर अभी और काम करने की जरूरत है।Volvo Car India के मुताबिक, पहले ज्यादातर ग्राहक इलेक्ट्रिक कार को परिवार की दूसरी या तीसरी गाड़ी के रूप में खरीदते थे, लेकिन अब यह ट्रेंड बदल चुका है। आज कई ग्राहक अपनी पहली और मुख्य लग्जरी कार के रूप में इलेक्ट्रिक मॉडल चुन रहे हैं। कंपनी का कहना है कि नई बैटरी तकनीक, लंबी रेंज और आधुनिक डिजिटल फीचर्स ने ग्राहकों का भरोसा काफी बढ़ाया है।
वहीं BMW India ने भी इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया है। कंपनी के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में उसकी इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और कुल बिक्री में EV मॉडल्स की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। यह संकेत देता है कि प्रीमियम ग्राहकों के बीच इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर विश्वास पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले वर्षों में भारत का प्रीमियम ऑटोमोबाइल बाजार तेजी से इलेक्ट्रिफाइड वाहनों की ओर बढ़ेगा। बेहतर बैटरी तकनीक, चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार और ग्राहकों की बदलती सोच इस बदलाव को और गति दे सकती है। कुल मिलाकर, भारतीय लग्जरी कार बाजार अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां प्रदर्शन, तकनीक और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी—तीनों मिलकर भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।