धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनकर झूम उठे अभिजीत दीपके, जश्न का वीडियो वायरल

KNEWS DESK – दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद समर्थकों और प्रदर्शनकारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके मंच पर ही झूम उठे, जबकि वहां मौजूद छात्र और युवा भी नाचते-गाते नजर आए।

जंतर-मंतर से लेकर जनपथ तक प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि वे लंबे समय से यही मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि आखिरकार जवाबदेही तय हुई और मंत्री को पद छोड़ना पड़ा।

धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने अपने संदेश में छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधारों के प्रति अपनी लंबी प्रतिबद्धता का जिक्र किया और कहा कि वे किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य को परीक्षा माफिया की वजह से बर्बाद नहीं होने देंगे।

सीजेपी पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रही थी। संगठन के नेताओं ने साफ कहा था कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा।

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इसी आंदोलन के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 28 जून को अनशन शुरू किया था। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, और हाल ही में सरकार से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने 26 दिनों बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया।

जंतर-मंतर पर गुरुवार देर रात से ही माहौल बेहद गर्म रहा। जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की सूचना सामने आई, प्रदर्शनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई छात्र ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के बीच जश्न मनाते दिखे।

अभिजीत दीपके, जो सीजेपी के फाउंडर हैं, ने इस्तीफे की खबर मोबाइल पर सुनते ही मंच पर खुशी जताई। उनके साथ मौजूद कार्यकर्ताओं ने इसे आंदोलन की बड़ी जीत बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कदम छात्रों की आवाज़ की जीत है।

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में लिखा कि वे चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की बुनियाद है। उनके अनुसार, वे युवाओं की आकांक्षाओं और न्यायोचित अपेक्षाओं का सम्मान करते हैं।

नीट पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी था। संगठन ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को आंदोलन का मुख्य मुद्दा बनाया हुआ था। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

सोनम वांगचुक ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए अनशन शुरू किया था। बाद में स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल और फिर दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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