जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमले से हड़कंप मच गया है। लाल चौक के पास आतंकियों ने पुलिस दल को निशाना बनाकर फायरिंग की, जिसमें एक हेड कॉन्स्टेबल शहीद हो गए। हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
Knews Desk- जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में बुधवार दोपहर आतंकियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। यह वारदात लाल चौक के पास कोतवाल गली इलाके में हुई, जहां आतंकियों ने अचानक पुलिस कर्मियों पर गोलियां चला दीं और मौके से फरार हो गए।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 12:35 बजे की है। आतंकियों की गोलीबारी में इंडियन रिजर्व (IR) की तीसरी बटालियन में तैनात हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया और शहीद हो गए।
हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी। आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया गया है, ताकि हमलावरों का पता लगाया जा सके। सुरक्षाबल संदिग्ध ठिकानों पर लगातार जांच कर रहे हैं।
TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, TRF को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन माना जाता है।
बताया जा रहा है कि शहीद हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे। हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
अनंतनाग का लाल चौक संवेदनशील इलाका
अनंतनाग का लाल चौक क्षेत्र जिले के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी आते-जाते हैं। यह इलाका पहले भी राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों का केंद्र रहा है।
राजौरी में भी हुई थी घुसपैठ की कोशिश
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की थी। तारकुंडी फॉरवर्ड इलाके में सुरक्षाबलों और संदिग्ध आतंकियों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक मुठभेड़ चली थी।
वहीं, इससे पहले शोपियां में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर जाकिर गनई को ढेर किया था। जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं।