KNEWS DESK- नीट पेपर लीक और देशभर में सामने आए विभिन्न परीक्षा घोटालों को लेकर राजनीतिक घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध का नया तरीका अपनाया। कांग्रेस के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।
कांग्रेस का कहना है कि नीट पेपर लीक केवल एक परीक्षा तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि यह देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। पार्टी का आरोप है कि बार-बार पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद सरकार प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है। इसी कारण कांग्रेस ने संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन तेज करने का फैसला किया है।
काले कपड़ों में संसद पहुंचे सांसद
बुधवार सुबह कांग्रेस के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। पार्टी ने इसे युवाओं के साथ एकजुटता और सरकार के खिलाफ सांकेतिक विरोध बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन छात्रों की आवाज को संसद तक पहुंचाने का प्रयास है। विपक्ष का आरोप है कि छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस सांसदों के साथ कई अन्य विपक्षी दलों के नेता भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ संसद पहुंचे। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अगुवाई
इससे पहले मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लिया था, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने अपने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनका विरोध छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है। पार्टी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।
संसद में जारी गतिरोध
नीट पेपर लीक का मुद्दा संसद के मानसून सत्र पर भी असर डाल रहा है। पिछले दो दिनों से लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे को लेकर लगातार हंगामा हो रहा है। विपक्ष चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। इस टकराव के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।
देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन
संसद के साथ-साथ कांग्रेस ने देशभर में भी विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है। पार्टी की राज्य इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने राज्यों में काली पट्टी या काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करें और परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग उठाएं। कांग्रेस का उद्देश्य इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर जन आंदोलन का रूप देना है।
आगे भी जारी रहेगा विरोध
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार विपक्ष की मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती, तो संसद के भीतर और बाहर आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में नीट पेपर लीक का मुद्दा संसद और राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बना रहने की संभावना है।