Knews Desk– FIFA वर्ल्ड कप 2026 अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। 48 टीमों के साथ शुरू हुए इस टूर्नामेंट में अब केवल आठ टीमें खिताब की दौड़ में बची हैं। मेजबान देशों में शामिल अमेरिका (USA) का सफर हालांकि प्री-क्वार्टर फाइनल यानी राउंड ऑफ 16 में ही समाप्त हो गया। लेकिन टूर्नामेंट से बाहर होने के बावजूद अमेरिकी पुरुष फुटबॉल टीम (USMNT) को FIFA की ओर से करीब 16 मिलियन डॉलर (लगभग 152 करोड़ रुपये) की प्राइज मनी मिलेगी। खास बात यह है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा अमेरिकी महिला फुटबॉल टीम (USWNT) के खिलाड़ियों को भी मिलेगा।FIFA वर्ल्ड कप में भाग लेने वाली सभी टीमों को उनके प्रदर्शन के आधार पर इनामी राशि दी जाती है। अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको तीनों मेजबान देशों ने राउंड ऑफ 16 तक का सफर तय किया, लेकिन इसके बाद बाहर हो गए। इसके बावजूद इन टीमों को FIFA की प्राइज मनी का लाभ मिलेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी पुरुष टीम को 16 मिलियन डॉलर की राशि दी जाएगी। हालांकि यह पूरी रकम सिर्फ पुरुष खिलाड़ियों के बीच नहीं बांटी जाएगी।नियम के अनुसार, पहले कुल प्राइज मनी का 20 प्रतिशत हिस्सा US Soccer (अमेरिकी फुटबॉल महासंघ) को दिया जाता है। इसके बाद बची हुई 80 प्रतिशत राशि पुरुष और महिला टीमों के बीच बराबर-बराबर बांटी जाती है।
16 मिलियन डॉलर की कुल राशि में से 3.2 मिलियन डॉलर US Soccer को जाएंगे, जबकि बची हुई 12.8 मिलियन डॉलर की राशि का आधा-आधा हिस्सा दोनों टीमों को मिलेगा। यानी पुरुष और महिला टीम को 6.4 मिलियन डॉलर (करीब 61 करोड़ रुपये)-61 करोड़ रुपये मिलेंगे।दोनों टीमों में 26-26 खिलाड़ियों के हिसाब से राशि बांटी जाएगी। इस तरह प्रत्येक खिलाड़ी को करीब 2,46,153 डॉलर (लगभग 2.35 करोड़ रुपये) मिलेंगे।यानी पुरुष टीम के खिलाड़ी और महिला टीम के खिलाड़ी, दोनों को लगभग बराबर रकम मिलेगी, भले ही महिला टीम ने इस पुरुष वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लिया हो।इस समझौते के तहत तय किया गया कि भविष्य में पुरुष और महिला FIFA वर्ल्ड कप से मिलने वाली प्राइज मनी को साझा किया जाएगा। यानी पुरुष वर्ल्ड कप की कमाई में महिला टीम और महिला वर्ल्ड कप की कमाई में पुरुष टीम भी हिस्सेदार होगी।अमेरिका का यह मॉडल खेल जगत में लैंगिक समानता (Gender Equality) की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि पुरुष और महिला खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से मिलने वाले आर्थिक लाभ में समान अवसर मिले।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 में अमेरिका का सफर भले ही राउंड ऑफ 16 पर खत्म हो गया हो, लेकिन 2022 के समान वेतन समझौते की वजह से इस बार मिलने वाली करोड़ों रुपये की प्राइज मनी केवल पुरुष टीम तक सीमित नहीं रहेगी। इसका लाभ अमेरिकी महिला फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों को भी बराबरी से मिलेगा, जो खेलों में समानता की दिशा में एक अहम मिसाल है।