Knews Desk– दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में यूजी एडमिशन 2026 की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। इसी बीच उन छात्रों के लिए अच्छी खबर है जो किसी विदेशी भाषा (Foreign Language) को सीखकर अपने करियर को नई दिशा देना चाहते हैं। डीयू के कई कॉलेजों ने सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और एडवांस्ड डिप्लोमा स्तर के फॉरेन लैंग्वेज कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि इन कोर्सों में प्रवेश CUET UG स्कोर के आधार पर नहीं होता, बल्कि संबंधित कॉलेज अपने नियमों के अनुसार एडमिशन देते हैं।दिल्ली यूनिवर्सिटी के करीब 32 कॉलेज विदेशी भाषाओं के विभिन्न कोर्स संचालित करते हैं। इसके अलावा स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) भी फॉरेन लैंग्वेज में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध कराता है। इनमें जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश, जापानी और इतालवी जैसी लोकप्रिय भाषाएं शामिल हैं। कुछ कोर्स पार्ट-टाइम हैं, जबकि कुछ को नियमित (फुल-टाइम) मोड में कराए जाते हैं।
डीयू के नॉर्थ और साउथ कैंपस के कई प्रमुख कॉलेजों में विदेशी भाषा के कोर्स उपलब्ध हैं। हंसराज कॉलेज में जर्मन, फ्रेंच और स्पेनिश में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और एडवांस्ड डिप्लोमा कोर्स संचालित किए जाते हैं। किरोड़ीमल कॉलेज में जर्मन और जापानी भाषा के सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध हैं। दौलत राम कॉलेज में फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश और इतालवी भाषा में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और एडवांस्ड डिप्लोमा की सुविधा है।इसके अलावा रामजस कॉलेज, सेंट स्टीफंस कॉलेज, श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, माता सुंदरी कॉलेज, केशव महाविद्यालय, श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, कमला नेहरू कॉलेज, भारती कॉलेज, मैत्रेयी कॉलेज, श्यामलाल कॉलेज, आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज, लक्ष्मीबाई कॉलेज, मिरांडा हाउस, लेडी श्रीराम कॉलेज, गार्गी कॉलेज, जीसस एंड मैरी कॉलेज, गुरु नानक देव खालसा कॉलेज, कालिंदी कॉलेज और कई अन्य संस्थानों में भी अलग-अलग विदेशी भाषाओं के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और एडवांस्ड डिप्लोमा कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) ने भी विभिन्न फॉरेन लैंग्वेज सर्टिफिकेट कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार 10 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। वहीं कई कॉलेजों ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी एडमिशन नोटिफिकेशन जारी कर दिए हैं और आवेदन आमंत्रित किए हैं।फॉरेन लैंग्वेज सीखने वाले छात्रों के लिए आज रोजगार के कई अवसर मौजूद हैं। इन भाषाओं का ज्ञान अनुवाद (Translation), इंटरप्रिटेशन, पर्यटन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेशी दूतावासों, मल्टीनेशनल कंपनियों, एयरलाइंस, बीपीओ, शिक्षा और मीडिया जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने में मदद करता है। इसके अलावा उच्च शिक्षा या विदेश में पढ़ाई की योजना बनाने वाले छात्रों के लिए भी ये कोर्स काफी उपयोगी साबित होते हैं।
जो छात्र इन कोर्सों में दाखिला लेना चाहते हैं, वे संबंधित कॉलेज या दिल्ली यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पात्रता, फीस, आवेदन प्रक्रिया और कोर्स से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। समय पर आवेदन करना जरूरी है, क्योंकि कई कॉलेजों में सीटें सीमित होती हैं और एडमिशन पहले आओ-पहले पाओ या मेरिट के आधार पर किए जाते हैं।