Knews Desk– महाराष्ट्र की बल्हारशाह-दादर नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में नवविवाहित जोड़े के लिए हनीमून सुइट जैसी सजावट कराने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बिना अनुमति निजी डेकोरेटर को ट्रेन में बुलाकर फूलों, गुब्बारों और मोमबत्तियों से केबिन सजाने को रेलवे ने सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है। मामले में ड्यूटी पर तैनात ट्रेन टिकट परीक्षक (TTE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

रेलवे का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच के बाद नियमों के तहत जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।वायरल वीडियो में नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच का एक केबिन पूरी तरह फूलों, रंग-बिरंगे गुब्बारों और गुलाब की पंखुड़ियों से सजा हुआ दिखाई देता है। बर्थ पर गुलाब की पंखुड़ियों से दिल का आकार बनाया गया था, जिससे पूरा केबिन किसी होटल के हनीमून सुइट जैसा नजर आ रहा था। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह थी कि केबिन के अंदर मोमबत्तियां भी जलाई गई थीं। रेलवे के अनुसार, चलती ट्रेन में किसी भी प्रकार की खुली आग या ज्वलनशील वस्तु का इस्तेमाल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
बिना अनुमति बुलाया गया था डेकोरेटर
रेलवे के अनुसार, यह घटना ट्रेन संख्या 11002 डाउन नंदीग्राम एक्सप्रेस में हुई। नवविवाहित जोड़े ने अपनी यात्रा को यादगार बनाने के लिए ऑनलाइन एक निजी डेकोरेटर की सेवाएं ली थीं। डेकोरेटर स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ा और बिना रेलवे की लिखित अनुमति के फर्स्ट एसी कोच में प्रवेश कर पूरी सजावट कर दी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि सुरक्षा एजेंसियों या रेलवे प्रशासन को इसकी कोई पूर्व जानकारी नहीं थी।वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे ने मामले को गंभीरता से लिया और ड्यूटी पर मौजूद टीटीई को निलंबित कर दिया। अधिकारियों का मानना है कि यदि सुरक्षा नियमों का पालन किया जाता तो बिना अनुमति कोई बाहरी व्यक्ति ट्रेन के एसी कोच तक नहीं पहुंच सकता था।
क्या कहते हैं रेलवे के नियम?
भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 (The Railways Act, 1989) के तहत ट्रेन के भीतर बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां कराना, बाहरी व्यक्ति को प्रवेश दिलाना या यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियां करना दंडनीय अपराध है। रेलवे स्पष्ट रूप से कहता है कि किसी भी ट्रेन को निजी कार्यक्रम, पार्टी या विशेष आयोजन स्थल की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, जब तक रेलवे से पूर्व अनुमति न ली गई हो।
किन धाराओं में हो सकती है कार्रवाई?
1. धारा 144 और 147 – अनधिकृत प्रवेश और व्यावसायिक गतिविधि
यदि कोई व्यक्ति रेलवे की अनुमति के बिना ट्रेन या रेलवे परिसर में व्यावसायिक गतिविधि करता है या बिना वैध अनुमति प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 144 और धारा 147 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
संभावित सजा:
- 6 महीने तक की कैद
- 1,000 रुपये तक का जुर्माना
- या दोनों
यह कार्रवाई डेकोरेटर और उसे बिना अनुमति बुलाने वाले व्यक्ति पर लागू हो सकती है।
2. धारा 164 – ट्रेन में आग या ज्वलनशील वस्तु का उपयोग
चलती ट्रेन में मोमबत्ती, दीपक या किसी भी प्रकार की खुली आग जलाना रेलवे अधिनियम की धारा 164 के तहत गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसा करने से पूरे कोच में आग लगने और यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
संभावित सजा:
- 3 साल तक की कैद
- 5,000 रुपये तक का जुर्माना
- या दोनों
यदि इस कारण किसी प्रकार की क्षति होती है तो उसका मुआवजा भी दोषी से वसूला जा सकता है।
3. धारा 145 – यात्रियों की सुरक्षा और शांति भंग करना
यदि किसी व्यक्ति की हरकत से अन्य यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है या उन्हें असुविधा होती है, तो रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
संभावित सजा:
- जुर्माना
- बार-बार नियम तोड़ने पर 6 महीने तक की कैद
किन लोगों पर हो सकती है कार्रवाई?
इस मामले में जांच के आधार पर कई पक्षों पर कार्रवाई संभव है।
- यात्री (कपल): बिना अनुमति निजी डेकोरेशन कराने और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के लिए।
- डेकोरेटर या एजेंसी: रेलवे की अनुमति के बिना ट्रेन में प्रवेश कर व्यावसायिक सेवा देने के लिए।
- रेलवे कर्मचारी: यदि उनकी लापरवाही के कारण बाहरी व्यक्ति को कोच में प्रवेश मिला या सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कराया गया, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
रेलवे ने यात्रियों से की अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया ट्रेंड या निजी उत्साह में सुरक्षा नियमों की अनदेखी न करें। ट्रेन में किसी भी प्रकार की सजावट, आयोजन या व्यावसायिक सेवा लेने से पहले रेलवे की अनुमति आवश्यक होती है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।