Knews Desk- लखनऊ में बुधवार सुबह ईडी ने झांसी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव से जुड़े दो फ्लैटों पर छापेमारी की। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरोजनी नगर स्थित एल्डिको एम्परर और मानसरोवर योजना के सनराइज अपार्टमेंट में ईडी की टीमें दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अन्य रिकॉर्ड की जांच में जुटी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों फ्लैट पूर्व विधायक की पत्नी मीरा यादव के नाम हैं। इसी मामले में झांसी स्थित उनके पैतृक आवास समेत कई अन्य ठिकानों पर भी एक साथ कार्रवाई की गई है।
तड़के शुरू हुई कार्रवाई, कई टीमों ने एक साथ संभाला मोर्चा
सूत्रों के मुताबिक ED की टीम बुधवार सुबह अलग-अलग टीमों में विभाजित होकर पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव से जुड़े ठिकानों पर पहुंची। झांसी में उनके पैतृक गांव स्थित आवास के साथ उनके साले के घर पर भी तलाशी अभियान शुरू किया गया।
इसी दौरान लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित एक अपार्टमेंट में भी ED अधिकारियों ने जांच शुरू की। इसके अलावा दो अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई जारी है।
दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही ED
छापेमारी के दौरान ED की टीम संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने संबंधित परिसरों में मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। फिलहाल किसी भी अधिकारी की ओर से कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
लखनऊ के दो फ्लैट समेत कई ठिकानों पर एक साथ रेड
कार्रवाई यूपी विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट की एफआईआर के आधार पर की गई। ईडी की टीम लखनऊ के एल्डिको कॉलोनी और कानपुर रोड स्थित सनराइज अपार्टमेंट के फ्लैट समेत कई परिसरों में दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है।
तड़के शुरू हुई कार्रवाई, कई टीमों ने एक साथ दी दबिश
बुधवार सुबह ईडी की अलग-अलग टीमें झांसी और लखनऊ में एक साथ सक्रिय हुईं। झांसी में पूर्व विधायक के पैतृक गांव स्थित आवास और उनके साले के घर पर तलाशी शुरू की गई। वहीं लखनऊ में एल्डिको कॉलोनी स्थित अपार्टमेंट की छठी मंजिल पर बने फ्लैट और कानपुर रोड स्थित सनराइज अपार्टमेंट में भी सर्च ऑपरेशन जारी है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
60 आपराधिक मामलों की जांच के दायरे में पूर्व विधायक
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट की एफआईआर के आधार पर की जा रही है। शुरुआती जांच में पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ 23 से अधिक एफआईआर और करीब 60 आपराधिक मामलों का उल्लेख सामने आया है।
इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी, हत्या के प्रयास और डकैती जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। ये मामले भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत दर्ज बताए गए हैं।
दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाल रही ED
सर्च ऑपरेशन के दौरान ईडी की टीम ने महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, चल-अचल संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। अधिकारी इनकी जांच कर धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।
परिवार और कर्मचारियों की आवाजाही पर रोक
तलाशी अभियान के दौरान संबंधित परिसरों में मौजूद परिवार के सदस्यों और घर में काम करने वाले कर्मचारियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। किसी को भी जांच पूरी होने तक बाहर जाने या अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई। ईडी के अधिकारी लगातार पूछताछ के साथ दस्तावेजों का मिलान कर रहे हैं।