Knews desk- रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर विजिलेंस की कार्रवाई में करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है। करीब 26 घंटे तक चली जांच के दौरान अधिकारियों को घर से 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और हीरे के आभूषण मिले हैं। बरामद की गई कीमती चीजों की अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
छापेमारी के दौरान विजिलेंस टीम को 1.62 करोड़ रुपये की नकदी भी मिली। अधिकारियों के मुताबिक, कैश को पैकेटों में भरकर दीवारों और घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपाया गया था। इसके अलावा 15 स्थानों पर मौजूद मकान, फ्लैट और कृषि भूमि से जुड़े दस्तावेज भी जांच टीम के हाथ लगे हैं। विजिलेंस ने बरामद संपत्ति की कुल कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी है।
छापेमारी और बरामदगी से जुड़ी तस्वीरें

आगरा में तैनाती के दौरान दर्ज हुआ था मामला
ललित कुमार मूल रूप से रायबरेली के सेंगहो कोठी के रहने वाले हैं। विजिलेंस के मुताबिक, उनके खिलाफ साल 2024 में कानपुर में तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। उस समय ललित कुमार आरटीओ कार्यालय में संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) यानी रीजनल इंस्पेक्टर टेक्निकल के पद पर तैनात थे।
शिकायत के बाद ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने 11 सितंबर 2020 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन को जांच की मंजूरी दी थी। इसके बाद ललित कुमार की आय और संपत्तियों के स्रोतों की जांच शुरू की गई।
आय से ज्यादा 73 फीसदी खर्च, नहीं दे पाए हिसाब
विजिलेंस जांच में सामने आया कि ललित कुमार की कुल वैध आय करीब 93.26 लाख रुपये थी, जबकि संपत्ति खरीदने, रखरखाव और अन्य खर्चों पर करीब 1.61 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यानी उनकी आय के मुकाबले 68.66 लाख रुपये ज्यादा खर्च किए गए, जो करीब 73.6 फीसदी अधिक था।
जांच एजेंसी के अनुसार, ललित कुमार इस अतिरिक्त संपत्ति और खर्च का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
लखनऊ स्थित घर पर विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई

ललित कुमार वर्तमान में लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी के सी-143 आवास में रहते हैं। 7 जुलाई को कोर्ट से वारंट मिलने के बाद विजिलेंस टीम दोपहर करीब 12 बजे उनके घर पहुंची। करीब 26 घंटे तक चली तलाशी में टीम ने घर के कोने-कोने की जांच की।
इस दौरान अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखे गए 1.62 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा भारी मात्रा में सोना-चांदी, आभूषण और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी मिले।
छापे में मिला करोड़ों का सामान
विजिलेंस टीम को 13 किलो सोना और करीब 9 किलो चांदी मिली, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा लखनऊ, नोएडा और बाराबंकी समेत कई जगहों पर मौजूद संपत्तियों के दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
जांच में लखनऊ के अलीगंज, वृंदावन योजना, इस्माइलगंज, मोहनलालगंज और बालकगंज इलाकों में मकान, प्लॉट और कृषि भूमि से जुड़े कागजात मिले हैं। वहीं नोएडा में दो फ्लैट की बुकिंग और बाराबंकी व रायबरेली में जमीन के दस्तावेज भी टीम के हाथ लगे हैं। इन संपत्तियों की कीमत करीब 13 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इसके अलावा विजिलेंस को टोयोटा इनोवा, हुंडई i20 कार, एक रिवॉल्वर और बैंक, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड व एफडी में एक करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। घर की सजावट और महंगे घरेलू सामान पर किए गए भारी खर्च के सबूत भी जांच टीम को मिले हैं।