Health Tips: बुखार में क्यों नहीं लगती भूख? जानिए शरीर में होने वाली इस प्रक्रिया का वैज्ञानिक कारण

KNEWS DESK- बुखार आने पर शरीर में कई तरह के बदलाव महसूस होते हैं। कमजोरी, बदन दर्द और थकान के साथ एक आम समस्या यह भी होती है कि खाने का मन नहीं करता। कई लोग इसे सामान्य बात समझकर खाना छोड़ देते हैं, लेकिन इसके पीछे शरीर की एक खास वैज्ञानिक प्रक्रिया काम करती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बुखार के दौरान भूख कम होना शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रिया होती है। दरअसल, जब शरीर किसी इंफेक्शन से लड़ रहा होता है तो उसकी पूरी ऊर्जा बीमारी से मुकाबला करने में लगने लगती है।

बुखार में भूख क्यों हो जाती है कम?

जब शरीर में वायरस या बैक्टीरिया का हमला होता है, तो इम्यून सिस्टम उन्हें खत्म करने के लिए सक्रिय हो जाता है। इस दौरान शरीर में कुछ खास रसायन बनते हैं, जिन्हें सायटोकाइन कहा जाता है।

डॉक्टरों के मुताबिक, ये सायटोकाइन दिमाग के उस हिस्से को प्रभावित करते हैं जो भूख को नियंत्रित करता है। इससे खाने की इच्छा कम हो जाती है। शरीर ऐसा इसलिए करता है ताकि ऊर्जा पाचन प्रक्रिया में खर्च होने की बजाय संक्रमण से लड़ने में इस्तेमाल हो सके।

इंफेक्शन का स्वाद और सूंघने की क्षमता पर भी पड़ता है असर

कई बार वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन स्वाद और सूंघने की क्षमता को प्रभावित कर देते हैं। इसके कारण खाना पहले जैसा स्वादिष्ट नहीं लगता और धीरे-धीरे भूख कम होने लगती है। इसके अलावा बदन दर्द, कमजोरी, थकान, मतली और गले में परेशानी जैसी समस्याएं भी खाने की इच्छा को कम कर सकती हैं।

भूख कम हो तो भी शरीर को पोषण देना जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि बुखार के दौरान भले ही भूख कम लगे, लेकिन शरीर को रिकवरी के लिए पोषण की पहले से ज्यादा जरूरत होती है। लंबे समय तक खाना न खाने से कमजोरी बढ़ सकती है और ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में एक बार में ज्यादा खाने की बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में हल्का और पौष्टिक भोजन लेना बेहतर माना जाता है।

बुखार में क्या खाना चाहिए?

बुखार के दौरान ऐसे खाद्य पदार्थ लेने चाहिए जो आसानी से पच जाएं और शरीर को जरूरी पोषण भी दें। मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया या ओट्स, हल्का सूप, नारियल पानी, ताजे फल, उबली हुई सब्जियां, केला, सेब और पपीता, दही (अगर गले में संक्रमण न हो और डॉक्टर ने मना न किया हो)

पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का रखें ध्यान

बुखार में शरीर से पानी की कमी हो सकती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना जरूरी है। पानी, नारियल पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। वहीं, इस दौरान बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर कई दिनों तक भूख बिल्कुल न लगे, तेज बुखार लगातार बना रहे, बार-बार उल्टी हो, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

बुखार में भूख कम होना शरीर का संकेत है

बुखार के दौरान भूख कम होना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि खाना पूरी तरह छोड़ दिया जाए। सही मात्रा में हल्का भोजन, पर्याप्त तरल पदार्थ और आराम लेने से शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है और रिकवरी तेजी से हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *