राम मंदिर चंदा घोटाला: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में चंपत राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है. इससे पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा था कि जो पाप से जुड़ा है, उसे सजा दिलाएंगे, हमें पीएम मोदी और सीएम योगी पर पूरा भरोसा है.
Knews Desk- अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक के बाद बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। लंबे समय से दोनों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच इस फैसले को ट्रस्ट के भीतर बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बैठक में संतों की नाराजगी और तीखी बहस
बैठक के दौरान कई संतों और सदस्यों ने खुलकर नाराजगी जाहिर की। सूत्रों के मुताबिक माहौल काफी गर्म रहा और चढ़ावे के प्रबंधन तथा कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। कई सदस्यों ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संस्थान में हर आर्थिक प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी तरह का संदेह न रहे।
स्वामी परमानंद गिरी की असहमति
जानकारी के अनुसार स्वामी परमानंद गिरी महाराज ने बैठक में अपनी नाराजगी और असहमति स्पष्ट रूप से व्यक्त की। कुछ अन्य संतों ने भी उनके विचारों का समर्थन किया और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। बताया जा रहा है कि यह पहली बार है जब असंतोष इतनी खुलकर सामने आया है।
बिना आमंत्रण पहुंचे गोपाल राव
बैठक के दौरान एक और घटना चर्चा में रही, जब गोपाल राव बिना आमंत्रण के बैठक स्थल पर पहुंच गए। उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया गया और वापस लौटा दिया गया। इस घटना के बाद बैठक की व्यवस्था और आंतरिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।
आगे संभावित बड़े बदलाव पर नजर
कुल मिलाकर इस बैठक को केवल औपचारिक बैठक नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे ट्रस्ट के भीतर संभावित बड़े संगठनात्मक बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें नई नियुक्तियों और ढांचे में होने वाले संभावित फेरबदल पर टिकी हुई हैं।