Knews Desk- एडटेक कंपनी PhysicsWallah ने अपने ऑफलाइन कोचिंग नेटवर्क को विस्तार देने के लिए एक नए प्रोत्साहन कार्यक्रम की घोषणा की है। इस योजना के तहत उन शिक्षकों को 2 लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा, जो प्रतिद्वंदी कोचिंग संस्थानों से प्रतिभाशाली छात्रों को PhysicsWallah में प्रवेश दिलाएंगे।
कंपनी के अनुसार यह पहल खास तौर पर 2027 क्लासरूम बैच के लिए लागू की गई है। इसका उद्देश्य JEE Main, JEE Advanced और NEET जैसी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को अपने प्लेटफॉर्म पर जोड़ना है। इसके तहत शिक्षकों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे अन्य कोचिंग संस्थानों से छात्रों को आकर्षित कर PhysicsWallah में नामांकन कराएं।
योजना में स्पष्ट किया गया है कि यह इनाम छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर तय किया जाएगा। यदि कोई छात्र, जिसे किसी अन्य कोचिंग से लाकर PhysicsWallah में एडमिशन कराया गया है, परीक्षा में बेहतर रैंक हासिल करता है, तो संबंधित शिक्षक को उसका लाभ मिलेगा।
इनाम की संरचना इस प्रकार तय की गई है कि टॉप रैंक हासिल करने पर सबसे अधिक राशि दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई छात्र JEE Main, JEE Advanced या NEET में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करता है, तो उसे लाने वाले शिक्षक को 15 लाख रुपये का इनाम मिलेगा। वहीं दूसरी और तीसरी रैंक पर 12 लाख रुपये, चौथी से दसवीं रैंक पर 9 लाख रुपये, 11वीं से 100वीं रैंक पर 7.5 लाख रुपये और 101वीं से 500वीं रैंक पर 4 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा 501वीं से 1000वीं रैंक तक आने वाले छात्रों के लिए संबंधित शिक्षक को 2 लाख रुपये तक का भुगतान किया जाएगा।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ पाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करना अनिवार्य होगा। छात्रों का समय सीमा के भीतर नामांकन जरूरी होगा और उन्हें कम से कम दो विषयों की कक्षाओं में नियमित रूप से शामिल होना होगा। तभी शिक्षक इस प्रोत्साहन योजना के पात्र माने जाएंगे।
PhysicsWallah का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को प्रोत्साहित करना है। कंपनी का मानना है कि इससे शिक्षकों को बेहतर परिणाम लाने के लिए प्रेरणा मिलेगी और छात्र अधिक मेहनत के साथ प्रदर्शन करेंगे।
हालांकि इस घोषणा के बाद शिक्षा जगत में नई बहस भी शुरू हो गई है। कुछ विशेषज्ञ इसे प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे कोचिंग प्रतिस्पर्धा को और अधिक आक्रामक बनाने वाला कदम बता रहे हैं।
फिलहाल यह योजना चर्चा में बनी हुई है और आने वाले समय में इसके प्रभाव को लेकर शिक्षा क्षेत्र में निगरानी और बहस जारी रहने की संभावना है।