Knews Desk- अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी और अनियमितताओं के मामले में अनुकल्प मिश्रा का नाम सामने आने के बाद जांच तेज हो गई है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में अनुकल्प मिश्रा को इस पूरे मामले का प्रमुख साजिशकर्ता यानी मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस और जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक इस पर आधिकारिक अंतिम पुष्टि नहीं की गई है।
अनुकल्प मिश्रा अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र के बसावां गांव के निवासी बताए जाते हैं। जानकारी के अनुसार, वह श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट से जुड़े दानराशि की गिनती और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी से भी जुड़े रहे हैं। इसी दौरान उन पर कथित रूप से वित्तीय अनियमितताओं में शामिल होने के आरोप लगे हैं।
स्थानीय स्तर पर अनुकल्प मिश्रा को एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में जाना जाता रहा है। आरोप है कि मंदिर से जुड़ी जिम्मेदारियां मिलने के बाद उनका सामाजिक और आर्थिक प्रभाव तेजी से बढ़ा। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि उनकी पहुंच मंदिर प्रशासन और स्थानीय राजनीतिक व प्रशासनिक हलकों तक थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में उनके रिश्तेदारों की ओर से भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिवार के एक सदस्य ने दावा किया कि अनुकल्प मिश्रा के प्रभाव के चलते पारिवारिक विवाद भी बढ़े और संपत्ति से जुड़े मामले सामने आए। इन आरोपों में यह भी कहा गया कि उनके द्वारा कुछ जमीनों और संपत्तियों पर कब्जे या हस्तांतरण को लेकर विवाद हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा ने हाल के वर्षों में अपनी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि की थी। आरोपों के मुताबिक, उन्होंने नोएडा में एक महंगा फ्लैट खरीदा और कई स्थानों पर जमीनों में निवेश किया। इसके अलावा धार्मिक आयोजनों और सामाजिक कार्यक्रमों में भारी खर्च करने के भी आरोप सामने आए हैं। यह भी दावा किया गया है कि अनुकल्प मिश्रा द्वारा आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए थे, जिसमें कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां भी मौजूद थीं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के दायरे में है।
इसके अलावा, परिवार के कुछ सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि मंदिर में जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में अचानक बदलाव आया और उन्होंने अपने करीबी रिश्तेदारों को भी कथित रूप से लाभ पहुंचाया।
फिलहाल, एसआईटी इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। बैंकिंग लेन-देन, संपत्तियों और दानराशि के उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किसकी भूमिका किस स्तर पर रही है।